उत्तराखंड में कचरा प्रबंधन को लेकर सख्ती, नए नियमों के पालन के लिए बनेगी कार्ययोजना
देहरादून: उत्तराखंड में ठोस और प्लास्टिक कचरे के निस्तारण को लेकर सरकार व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी कर रही है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने अधिकारियों को नए नियमों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने और इसके लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
बैठक में शहरी, अर्धशहरी और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर कचरा प्रबंधन की व्यवस्था सुधारने पर चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने कहा कि पर्यटन वाले ग्रामीण क्षेत्रों में भी कचरे का सही तरीके से निस्तारण किया जाना जरूरी है। इसके लिए नगर निकायों, ग्राम पंचायतों और संबंधित संस्थाओं की जिम्मेदारियां तय की जाएंगी।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि कार्ययोजना में निजी संस्थानों, औद्योगिक संगठनों और अधिक मात्रा में कचरा पैदा करने वाले प्रतिष्ठानों की जिम्मेदारियां स्पष्ट की जाएं। नए नियमों के पालन के लिए संबंधित संस्थाओं को प्रशिक्षण देने और उनकी कार्यक्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में कचरे की निगरानी, नियमों के उल्लंघन पर चालान, वैज्ञानिक निस्तारण और पुनर्चक्रण को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई। कचरे को लैंडफिल तक पहुंचाने की मात्रा कम करने और विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व (EPR) के प्रावधानों को प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में स्वच्छ उत्तराखंड मिशन 2026-2030 की कार्ययोजना की समीक्षा भी की गई। मुख्य सचिव ने कचरे के पृथक्करण, संग्रहण, परिवहन और प्रसंस्करण की व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नियम केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका पालन जमीन पर भी दिखाई देना चाहिए।
प्रस्तावित कार्ययोजना और नियमावली में जरूरी प्रावधान शामिल कर इसे मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। बैठक में सचिव नितेश झा, रणवीर सिंह चौहान और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

