पिथौरागढ़ को 284 करोड़ की सौगात, सीएम धामी ने 67 योजनाओं का किया लोकार्पण-शिलान्यास
पिथौरागढ़: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को पिथौरागढ़ में 284 करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। कार्यक्रम में कुल 67 योजनाएं शामिल रहीं। इनमें 105.30 करोड़ रुपये की लागत वाले 33 कार्यों का लोकार्पण और 178.76 करोड़ रुपये की लागत वाले 34 कार्यों का शिलान्यास किया गया। मुख्यमंत्री ने जनपद के विकास के लिए नौ महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं।
कार्यक्रम के दौरान उद्योग, कृषि, उद्यान, पशुपालन और मत्स्य विभाग की स्वरोजगार योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों को एक करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि के चेक भी वितरित किए गए।
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास योजनाओं से पिथौरागढ़ में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्रों में सुविधाओं का विस्तार करने के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिथौरागढ़ में 750 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बन रहे मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इससे सीमांत क्षेत्र के युवाओं को चिकित्सा शिक्षा हासिल करने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने पिथौरागढ़-बांस-आंवलाघाट सड़क और पुल का भी जिक्र किया। इस परियोजना से गंगोलीहाट की दूरी कम होने और हाट कालिका मंदिर तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदि कैलाश दौरे के बाद इस क्षेत्र में श्रद्धालुओं और पर्यटकों का आकर्षण बढ़ा है। उन्होंने इस वर्ष यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या एक लाख से अधिक होने की संभावना जताई।
पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही से होमस्टे, परिवहन, स्थानीय उत्पादों और पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी काम किया जा रहा है।
उन्होंने पिथौरागढ़ से मुनस्यारी, हल्द्वानी, दिल्ली और देहरादून तक हवाई संपर्क का जिक्र करते हुए कहा कि नैनीसैनी हवाई अड्डे के विकास की दिशा में करीब 450 करोड़ रुपये की लागत से काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को पारदर्शी भर्ती व्यवस्था देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि नकल विरोधी कानून के तहत कार्रवाई करते हुए 100 से अधिक लोगों को जेल भेजा गया है और प्रदेश में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं।
उन्होंने महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए लखपति दीदी योजना सहित अन्य कार्यक्रमों का भी जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता, सख्त भू-कानून, दंगा विरोधी कानून और ऑपरेशन कालनेमि के तहत की गई कार्रवाई को भी संबोधन में शामिल किया।
मुख्यमंत्री ने जनपद के विकास से जुड़ी नौ घोषणाएं कीं। इनमें सड़क सुधार, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, पेयजल और धार्मिक स्थलों के विकास से जुड़े कार्य शामिल हैं।
सड़कें: नैनीसैनी देवत से कनारी पाभैं तक मोटर मार्ग का सुधारीकरण और डामरीकरण किया जाएगा। कैलीगाड़ पुल से बेस अस्पताल तक सड़क सुधारी जाएगी। चण्डाक-छेड़ा दिगतोली सड़क का चौड़ीकरण और सुधारीकरण भी किया जाएगा।
स्वास्थ्य: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डीडीहाट को उप जिला चिकित्सालय और अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र मवानी को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में उच्चीकृत किया जाएगा।
शिक्षा: मूनाकोट के रियांसी में राजकीय महाविद्यालय की स्थापना को मंजूरी देने की घोषणा की गई।
पेयजल: अस्कोट लिफ्ट पेयजल योजना का कार्य किया जाएगा।
धार्मिक स्थल और संपर्क मार्ग: ज्याला मंदिर, छाना पाण्डेय में सीसी मार्ग बनाया जाएगा और ग्राम चिमुशी में गाड़ देवी मंदिर का सौंदर्यीकरण किया जाएगा।
कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने सीमांत सेवा फाउंडेशन के सीमांत नेत्र चिकित्सालय में ऑप्टिकल बायोमीटर का शुभारंभ किया। इस उपकरण से मरीजों को बेहतर नेत्र चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा, विधायक बिशन सिंह चुफाल, विधायक फकीर राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष जितेंद्र प्रसाद, महापौर कल्पना देवलाल समेत जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।

