भाजपा से इस्तीफे के बाद जुबिन नौटियाल के पिता रामशरण नौटियाल ने थामा कांग्रेस का हाथ, दिल्ली में ली सदस्यता
देहरादून। उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। गायक जुबिन नौटियाल के पिता और पूर्व भाजपा नेता रामशरण नौटियाल ने कांग्रेस का दामन थाम लिया है। सोमवार 19 अक्टूबर को नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी कुमारी सैलजा ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई।
इस दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य समेत कई नेता मौजूद रहे। रामशरण नौटियाल के भाजपा से इस्तीफा देने के बाद से ही उनके कांग्रेस में शामिल होने की चर्चाएं चल रही थीं।
रामशरण नौटियाल पहले कांग्रेस में रह चुके हैं। अप्रैल 2014 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा था। अब करीब 12 साल बाद वह फिर कांग्रेस में लौट आए हैं।
भाजपा में रहते हुए पार्टी ने उन्हें 2022 के विधानसभा चुनाव में चकराता सीट से उम्मीदवार बनाया था। इस चुनाव में उनका मुकाबला कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह से हुआ था। रामशरण नौटियाल को 27417 वोट मिले, जबकि प्रीतम सिंह ने 36853 वोट हासिल किए। इस तरह नौटियाल 9436 मतों से चुनाव हार गए थे।
रामशरण नौटियाल ने भाजपा से इस्तीफा देने से पहले पार्टी में सम्मान नहीं मिलने की शिकायत की थी। उन्होंने सार्वजनिक मंचों पर अपमानित किए जाने का आरोप भी लगाया था।
उनका कहना था कि किसी भी व्यक्ति के लिए 12 साल तक काम करने वाली पार्टी छोड़ना आसान नहीं होता, लेकिन सम्मान नहीं मिलने पर दूरी बनानी पड़ती है। हालांकि भाजपा की ओर से इन शिकायतों पर क्या प्रतिक्रिया दी गई….यह जानकारी उपलब्ध नहीं है।
रामशरण नौटियाल जिला पंचायत अध्यक्ष भी रह चुके हैं। जिला पंचायत की राजनीति से शुरुआत करने के बाद उन्होंने विधानसभा चुनाव में भी अपनी किस्मत आजमाई। जौनसार-बावर और चकराता क्षेत्र में उनके पुराने राजनीतिक संपर्क हैं।
ऐसे में कांग्रेस में उनकी वापसी को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले अहम माना जा रहा है। हालांकि पार्टी उन्हें संगठन में क्या जिम्मेदारी देगी या 2027 में चुनाव लड़ने का मौका मिलेगा या नहीं…इस पर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
कांग्रेस प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा ने रामशरण नौटियाल का पार्टी में स्वागत किया। उन्होंने कहा कि नौटियाल को भाजपा में घुटन महसूस हो रही थी और वहां के माहौल से वह खुश नहीं थे।
वहीं प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भी उनके कांग्रेस में शामिल होने का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि उनके आने से पार्टी को मजबूती मिलेगी।
रामशरण नौटियाल के कांग्रेस में लौटने के बाद अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि पार्टी उनके राजनीतिक अनुभव का 2027 के विधानसभा चुनाव में किस तरह इस्तेमाल करती है।


