बागेश्वर:आगामी उत्तरायणी मेले की सुरक्षा के दृष्टिगत पुलिस अधीक्षक बागेश्वर द्वारा मेला क्षेत्र का सघन निरीक्षण किया गया।

जनपद के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक ‘उत्तरायणी मेले’ को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने हेतु आज देर सायं पुलिस अधीक्षक बागेश्वर श्री चंद्रशेखर घोडके ने बागनाथ मंदिर परिसर, सरयू-गोमती संगम स्थल (स्नानागार घाट), अस्थायी व स्थायी पुल, मेला प्रदर्शनी स्थल और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों का विस्तृत सुरक्षा निरीक्षण किया। मंदिर और घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुव्यवस्थित बैरिकेडिंग और आने-जाने के अलग रास्तों को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।मेले में लग रहे झूलों और चरखों के पास सुरक्षा मानकों की जांच की गई। पुलिस अधीक्षक ने संचालकों को कड़े निर्देश दिए कि बिना सुरक्षा प्रमाण पत्र और पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों के कोई भी झूला संचालित नहीं किया जाएगा। सरयू और गोमती नदी के घाटों पर स्नान के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने हेतु जल पुलिस और प्रशिक्षित गोताखोरों की तैनाती के निर्देश दिए गए।

पूरे मेला क्षेत्र और मुख्य चौराहों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से पैनी नजर रखने और कंट्रोल रूम को सक्रिय रहने हेतु निर्देशित किया गया।
मेले के दौरान शहर में ट्रैफिक जाम की स्थिति न बने, इसके लिए रूट प्लान और पार्किंग स्थलों का भी अवलोकन किया गया।
पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के साथ पुलिस का व्यवहार अत्यंत शालीन और मददगार होना चाहिए, साथ ही अराजक तत्वों पर कड़ी सतर्कता बरती जाए।
इसी क्रम में अब तक कोतवाली बागेश्वर एवं थाना कपकोट पुलिस द्वारा मेला क्षेत्र एवं आसपास कार्यरत बाहरी व्यक्तियों/कर्मचारियों का गहन सत्यापन किया गया है।
अब तक कुल 204 बाहरी व्यक्तियों का सत्यापन कराया जा चुका है। सत्यापन के दौरान सभी से आवश्यक पहचान दस्तावेज जांचे गए तथा संदिग्ध गतिविधियों पर सतर्क दृष्टि रखी जा रही है।

