बागेश्वर:जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित, दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं सड़क सुरक्षा उपायों को प्रभावी बनाने के निर्देश

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बागेश्वर,

📌 जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित, दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं सड़क सुरक्षा उपायों को प्रभावी बनाने के निर्देश

📌 ब्लैक स्पॉट एवं संवेदनशील स्थलों का नियमित चिह्नीकरण कर फोटोग्राफ सहित रिपोर्ट प्रस्तुत करें अधिकारी

📌 पीएम राहत योजना के पात्र लाभार्थियों को लाभ दिलाना सुनिश्चित करें, हेलमेट एवं ड्रिंक एंड ड्राइव के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के निर्देश

जिलाधिकारी अपूर्वा पाण्डे की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिला सभागार में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में सड़क सुरक्षा की स्थिति, दुर्घटना संभावित स्थलों एवं ब्लैक स्पॉट के चिह्नीकरण, सड़क सुधार कार्यों, यातायात नियमों के अनुपालन तथा दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने सहित विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों से सड़क सुरक्षा के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद में दुर्घटना संभावित स्थलों एवं संवेदनशील स्थानों को नियमित रूप से चिह्नित किया जाए। चिह्नित स्थलों की अद्यतन सूची फोटोग्राफ सहित तैयार करते हुए वहां दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए किए गए एवं प्रस्तावित कार्यों का विवरण भी प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के कार्यों में लापरवाही न बरती जाए तथा चिह्नित स्थलों पर आवश्यक सुधारात्मक कार्य प्राथमिकता से सुनिश्चित किए जाएं।

जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग सहित संबंधित कार्यदायी संस्थाओं से सड़कों की स्थिति एवं गड्ढा भरान कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि शिकायतों वाले मार्गों का स्थलीय निरीक्षण कर गुणवत्ता के साथ सुधार कार्य कराए जाएं। उन्होंने अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग बागेश्वर को सानीउडियार क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण करने तथा इन क्षेत्रों में सड़क पर गड्ढों से संबंधित शिकायतों का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने यातायात नियमों के अनुपालन की समीक्षा करते हुए दोपहिया वाहन चालकों द्वारा हेलमेट के प्रयोग को अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध चालान की कार्रवाई प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रवर्तन संबंधी कार्रवाई की समीक्षा के दौरान ड्रिंक एंड ड्राइव के मामलों में चालान की संख्या अत्यंत कम पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कार्ययोजना तैयार कर नियमित जांच अभियान चलाने, विशेषकर दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को आपातकालीन चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य विभाग से जानकारी ली कि दुर्घटना के मामलों में घायलों को किस प्रकार त्वरित उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री राहत योजना (पीएम राहत) के अंतर्गत लाभार्थियों की स्थिति की समीक्षा करते हुए योजना के तहत लाभ प्राप्त करने वाले मामलों का समुचित विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने निर्देश दिए कि भविष्य में प्रत्येक सड़क दुर्घटना के मामले में यह स्पष्ट रिपोर्ट तैयार की जाए कि कितने पात्र घायलों को योजना के अंतर्गत लाभ मिला, किन मामलों में लाभ नहीं मिल पाया तथा इसके क्या कारण रहे। उन्होंने कहा कि पात्र दुर्घटना पीड़ितों को योजना का लाभ दिलाने में किसी प्रकार की लापरवाही न हो।

जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ सड़क सुरक्षा संबंधी कार्यों में तेजी लाने तथा पूर्व में आयोजित समिति की बैठकों में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की अद्यतन आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, सुरक्षित यातायात व्यवस्था तथा दुर्घटना पीड़ितों को समय पर सहायता उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।

बैठक में पुलिस उपाधीक्षक अजय शाह, एसीएमओ अनुपमा हायांकि, लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई, राष्ट्रीय राजमार्ग, परिवहन विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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