बागेश्वर: सुप्रसिद्ध उत्तरायणी मेले में सरयू गोमती संगम पर सजे राजनीति के पंडाल
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सरयू गोमती संगम बागेश्वर मे लगने वाले सुप्रसिद्ध उत्तरायणी मेले का अपना एक विशेष ऐतिहासिक महत्व है ये मेला ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ वर्ष 1921 में कुली बेगार आंदोलन का साक्षी बना। इस गौरवशाली इतिहास को हर वर्ष मेले के दौरान आज भी याद किया जाता है और इस मौके पर विभिन्न राजनीतिक दल व सामाजिक संगठन अपने अपने पंडालों से लोगों को संबोधित करते हैं और अपनी बात लोगों के बीच रखने के साथ ही राजनीतिक दलों के एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप भी इस दौरान देखने को मिलते हैं। इस वर्ष भी इस मौके भी भाजपा ,कांग्रेस , यूकेडी ने अपने पंडाल लगाए। जिसमें पार्टियों के नेताओं सहित पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।




