उत्तराखंड- बागेश्वर जिले के दुरस्त गांव महोली के नीरज का अंडर 25 क्रिकेट टीम में चयन,ग्रामीणों के साथ साथ जिले के क्रिकेट प्रेमियों में भी खुशी का माहोल

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बागेश्वर- आपने भी देखा होगा की प्रदेश के अधिकतर पहाड़ी इलाकों में खेल को लेकर सीमित संसाधन हैं रही फील्ड की बात तो वो भी छोटे और बेहद रिस्की उसमे भी सामाजिक से लेकर तमाम अन्य कार्यक्रम साल भर होते रहते हैं रही बात खिलाड़ियों की तो इन गिने चुने ग्राउंड में सीमित खिलाड़ी ही खेल सकते हैं बावजूद इन परिस्थिति के पहाड़ का युवा खेलों के क्षेत्र में लगातार उन्नति कर रहा है वहीं बागेश्वर जिले की अगर बात करें तो इस धरा से कई राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय और प्रादेशिक खेलों में यहां के युवाओं ने अपना जौहर दिखाया है जहां फुटबाल में अंतर्राष्ट्रीय स्तर में अपना जलवा दिखाया क्रिकेट में अब एक और अच्छी खबर यह आई है कि बागेश्वर के महोली निवासी नीरज राठौर का भी चयन प्रदेश की अंडर 25 क्रिकेट टीम में हुआ है। बतौर ओपनर बल्लेबाजी करने वाले नीरज राष्ट्रीय स्तर की कर्नल सीके नायडू प्रतियोगिता में प्रदेश की टीम का हिस्सा रहेंगे। उनके चयन की खबर मिलते ही क्षेत्र में खुशी का माहौल है।नीरज के पिता गंगा सिंह सेना में सूबेदार के पद पर तैनात है जो कि वर्तमान में जम्मू में पोस्टेड हैं और माता पार्वती देवी अपनी दो बेटियों के साथ लखनऊ में रहती है जबकि नीरज देहरादून में रहकर क्रिकेट खेलते हैं नीरज ने इस साल कई बेहतरीन पारियां खेलकर चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा है पिछले साल उन्होंने T20 मैच में 26 गेंदों में शतक लगाकर अपनी बल्लेबाजी का लोहा मनवाया था जिसके बाद वह चर्चा में आए थे यही वजह है कि अब वह उत्तराखंड की टीम में खेलेंगे। नीरज ने कक्षा 3 तक पढ़ाई अपने गांव के प्राथमिक विद्यालय में की है। जिसके बाद वह अपने पिता के साथ पठानकोट चले गए। वहीं से उन्होंने हाई स्कूल तक पढ़ाई की इस बीच उनका परिवार लखनऊ आकर बस गया और पढ़ाई के दौरान उन्हें क्रिकेट की रूचि जागी। और वह क्रिकेट की प्रैक्टिस के लिए दिल्ली चले गए। कुछ साल तक वहां खेलने के बाद फिर वह देहरादून आए और देहरादून में क्रिकेट कैरियर को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने एकेडमी खोलकर युवाओं को भी क्रिकेट के गुर सिखाना शुरू किया।बागेश्वर जिले से ही मनीष पांडे और कमलेश नगरकोटी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके हैं और देश के लिए खेल चुके हैं नीरज का भी सपना इन्हीं की तरह एक दिन देश के लिए क्रिकेट खेल कर अपने जिले और राज्य का नाम रोशन करना है।

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