उत्तराखंड: यहां ANTF ने कसा तस्करों पर शिकंजा, चरस के साथ महिला समेत दो गिरफ्तार

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ड्रग्स फ्री देवभूमि अभियान के तहत बड़ी सफलता, महिला की आड़ में चल रहा था तस्करी का धंधा

देहरादून। नशे के खिलाफ उत्तराखंड एसटीएफ की एंटी नार्कोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। एसटीएफ ने देहरादून के सेलाकुई क्षेत्र में 2 किलो 100 ग्राम चरस के साथ एक महिला और उसके सहयोगी को गिरफ्तार किया। ये तस्कर उत्तरकाशी के पुरोला क्षेत्र से चरस लाकर देहरादून में स्थानीय पैडलरों को सप्लाई करते थे। महिला का इस्तेमाल पुलिस चेकिंग से बचने के लिए किया जा रहा था। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि ड्रग्स-फ्री देवभूमि अभियान के तहत एएनटीएफ टीम को सूचना मिली थी कि देहरादून में उत्तर प्रदेश के तस्करों द्वारा बड़ी मात्रा में ड्रग्स सप्लाई की जा रही है। सूचना के आधार पर टीम ने निगरानी और छानबीन शुरू की। आज गुरुवार को सेलाकुई के रामपुर पुल पर जाल बिछाकर इन तस्करों को गिरफ्तार किया गया।गिरफ्तार किए गए आरोपियों में यूनुस पुत्र इद्दू निवासी धामपुर, बिजनौर और माहेश्वरी उर्फ मेघा निवासी नंदप्रयाग, चमोली शामिल हैं। यूनुस मुख्य तस्कर है, जो महिला को पुलिस की नजरों से बचने के लिए ढाल के रूप में इस्तेमाल करता था। पूछताछ में पता चला कि ये तस्कर पुरोला से चरस लाकर देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में सप्लाई करते थे। गिरफ्तार आरोपियों के पास से 2 किलो 100 ग्राम अवैध चरस बरामद की गई है। तस्करों ने कबूल किया है कि उन्होंने कई बार महिला की आड़ में पुरोला से ड्रग्स लाकर यहां के पैडलरों को बेची है। उनकी गिरफ्तारी से जुड़े अन्य स्थानीय ड्रग पैडलरों के खिलाफ भी एएनटीएफ जल्द कार्रवाई करेगी। मुख्यमंत्री के ड्रग्स-फ्री देवभूमि अभियान के तहत एसटीएफ की यह कार्रवाई उत्तराखंड में नशा तस्करी पर लगाम लगाने की दिशा में एक और कदम है। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने जनता से अपील की है कि नशे से दूर रहें और किसी भी प्रकार की तस्करी की जानकारी तुरंत एसटीएफ या नजदीकी पुलिस थाने में दें।

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