उत्तराखंड: यहां यूपी से डीएलएड करने वाले शिक्षकों की होगी जांच

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बागेश्वर। उत्तर प्रदेश से डीएलएड कर जिले में शिक्षण कर रहे शिक्षकों के लिए बुरी खबर है। विभाग ने ऐसे शिक्षकों को । नोटिस भेजना शुरू कर दिया है।

फिलहाल विभाग ने 31 शिक्षकों को दस्तावेजों की जांच कराने के लिए नोटिस भेजा है। मानकों के अनुरूप प्रमाणपत्र नहीं पाए जाने पर इन शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है।जिले में विगत वर्षों में हुई प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में प्रदेश के अलावा बाहरी राज्यों से डीएलएड करने वाले अभ्यर्थियों ने भी भागीदारी की थी। इनमें उत्तर प्रदेश से डीएलएड करने वाले प्रतिभागी भी शामिल हैं।वर्ष 2024 से पहले यूपी से डीएलएड करने के लिए वहां का स्थायी निवासी होना अनिवार्य था। शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में शामिल शिक्षकों ने आवेदन में उत्तराखंड का स्थायी निवास प्रमाणपत्र लगाया था।

ऐसे में सवाल उठ रहा है कि एक व्यक्ति दो स्थानों का स्थायी निवासी कैसे हो सकता है।
मुख्य शिक्षाधिकारी विनय कुमार ने बताया कि वर्तमान में यूपी से डीएलएड करने के लिए स्थायी निवास प्रमाणपत्र की अनिवार्यता नहीं है।
पिछले साल और पूर्व में भर्ती कुछ शिक्षकों के दस्तावेजों को लेकर संदेह है, जिसके चलते उनकी जांच कराई जा रही है। जांच के बाद जिस तरह की स्थिति होगी, उसी के अनुसार कदम उठाया जाएगा।

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