उत्तराखंड-(गजब का जज्बा) पहाड़ का ये बेटा बागेश्वर जिले का प्रदीप राणा निकला साइकिल से वर्ल्ड टूर पर

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अगर हम कहें के साइकिल से पूरी दुनिया का भ्रमण करना है तो यह सोचना भी थोड़ा मुश्किल हो जाता है वाकई ये आसान नहीं है, लेकिन यहां कुछ हटके है उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के रहने वाले प्रदीप राणा ने यह साबित कर दिखाया कि वह साइकिल से पूरे दुनिया घूमेंगे, प्रदीप 26 साल की उम्र में दुनिया के 14 देशों में साइकिल से यात्रा कर चुके हैं, यात्रा करने के साथ-साथ वह अलग-अलग देश के व्यंजन, संस्कृति और परंपराओं से भी रूबरू होते हैं, साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से सभी तरह की जानकारियां सब तक पहुंचा रहे हैं। पहाड़ के किसान का बेटा अपनी जमीन को नहीं भूल सकता, प्रदीप उत्तराखंड के लोकगीतों के साथ विदेशी लोगों को थिरकने में मजबूर कर देते हैं।सीमांत जिला बागेश्वर के गरुड़, देवनाई का रहने वाला प्रदीप राणा 16 साल की उम्र से साइकिल से पूरी दुनिया घूमने का मन बना बैठा, उन्होंने टॉप की खबर की एक्सक्लूसिव बात चीत में कहा की उनकी उम्र अभी 24 साल है, वह लगभग 30 साल तक लगातार साइकिल चलाकर पूरी दुनिया घूम लेंगे। यह प्रेरणा उन्हें हॉलीबुड की फिल्मों से मिली, टेलीविजन पर फिल्में देखने के बाद प्रदीप ने ठान लिया की वह दुनिया के सभी देश में घूमेंगे और वहां की परंपराओं को नजदीक से समझने का प्रयास करेंगे। प्रदीप ग्राफिक एरा में बीएससी आईटी से पढ़ाई भी कर रहे थे, विश्व भ्रमण के नाम पर पढ़ाई छोड़ दी।उनकी पहली यात्रा 2016 में भारत से पड़ोसी देश नेपाल की राजधानी काठमांडू रही, प्रदीप ने 2017 में सात महीने की अवधि में संपूर्ण भारत साइकिल से भ्रमण किया, जिसके बाद वह 2018 में वर्ल्ड टूर के लिए स्पोंसर की तलाश में जुट गए। प्रदीप की साइकिल से दुनिया भ्रमण करने के प्रयास को लोगों ने सराहा, साथ ही उनके इस आइडिया के चलते उन्हें अच्छे स्पोंसर भी मिल गए। जिसके बाद प्रदीप ने 2019 में वर्ल्ड टूर शुरू किया, जिसमें वह अपने पैतृक गांव गरुड़ देवनाई से हल्द्वानी होते हुए पड़ोसी देश नेपाल, भूटान, बांग्लादेश, म्यांमार होते हुए थाईलैंड, लाउस, वियतनाम, कंबोडिया, मलेशिया साइकिल से पहुंचे।जिसके बाद उन्हें सिंगापुर बॉर्डर क्रॉस करना था, जिसका बीजा भी मिल चुका था। उसी बीच कोरोनावायरस ने अपनी पकड़ पूरे विश्व में बना ली थी, जिसके चलते प्रदीप को 4 महीने मलेशिया में क्वॉरेंटाइन होना पड़ा, इस दौरान छात्रों के लिए भारत सरकार द्वारा चलाए गए विशेष अभियान में प्रदीप भी फ्लाइट से भारत लौट आया, 2020 और 2021 इन दो साल लॉक डाउन होने के चलते वह अपने विश्व भ्रमण को रोकते हुए अपने गांव में रहा।प्रदीप अपनी अधूरी यात्रा को सिंगापुर से फिर शुरू करने की सोच रहे थे, लेकिन सिंगापुर, जापान, कोरिया और चीन में कोरोना के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए जल्दी वीजा नहीं दिया गया, प्रदीप अपनी विश्व यात्रा को नहीं रोकना चाहता था। इसीलिए वह 15 मई 2022 को दिल्ली से फ्लाइट के माध्यम से केन्या पहुंचा, वह दिल्ली से अपनी साइकिल भी हवाई जहाज के माध्यम से ले गया। केन्या से फिर दूसरे चरण में प्रदीप ने अपनी साइकिल यात्रा शुरू करते हुए युगांडा, रॉवांडा, बुरुंडी, कंजानिया पहुंचा, फिलहाल प्रदीप इन दिनों अफ्रीका के कंजानियां में है, जिसके बाद वह मलावी, मुजांबी होते हुए अफ्रीका के 54 देशों का भ्रमण करेगा, जिसमें साइकिल से भ्रमण करने में लगभग दो साल का समय लगेगा।प्रदीप का कहना है की उसकी कोविड के चलते वापस देश आए पहले चरण की यात्रा में व्यवधान आने से यात्रा अधूरी रह गई थी, जिसे वह पुनः शुरू करेंगे, जिसमें सिंगापुर, जापान, कोरिया और चीन की यात्रा की जाएगी। प्रदीप ने बताया कि वहां लगभग एक वर्ष यूरोप, लगभग एक वर्ष साउथ अमेरिका, लगभग एक वर्ष नॉर्थ अमेरिका और अटलांटिका के बाद भारत वापस आएंगे, जिसके बाद वह ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की साइकिल यात्रा करेंगे। वहीं प्रदीप ने बताया कि उनको स्पॉन्सर कर रहे लोग उत्तराखंड से जुड़े हैं, साथ ही पहाड़ के रहने वाले एनआरआई भी उसकी मदद बढ़-चढ़कर कर रहे हैं। अगर आपको अपने देश में बैठकर विदेश की गहनता से जानकारी लेनी है तो आप प्रदीप राणा को इंस्टाग्राम और फेसबुक पर भी फॉलो कर सकते हैं। प्रदीप राणा द्वारा बनाए गए वीडियो मनोरंजन के साथ साथ आपको कई जानकारियां भी उपलब्ध कराने में कारगर साबित होगा, आप कई वीडियो में देखेंगे की अलग अलग देश की संस्कृति के बीच उत्तराखंड के लोकगीत में विदेशियों का थिरकना भी गौरवान्वित महसूस करता है।

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