उत्तराखंड: अब गर्भवती महिलाओं के साथ रहने पर मिलेंगे 300 रोज, जानिए किसे मिलेगा फायदा

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देहरादून: उत्तराखंड में सुरक्षित मातृत्व और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) ने नई पहल शुरू की है। अब राज्य के बर्थ वेटिंग होम में ठहरने वाली गर्भवती महिलाओं के साथ आने वाले एक तीमारदार को 300 रुपये प्रतिदिन की सहायता राशि दी जाएगी।

प्रदेश में वर्तमान में 52 बर्थ वेटिंग होम संचालित हैं। इनका उद्देश्य दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं को प्रसव से पहले अस्पताल के नजदीक सुरक्षित ठहरने की सुविधा देना है। खासकर बारिश के मौसम में सड़कें बंद होने और भूस्खलन जैसी समस्याओं को देखते हुए यह व्यवस्था काफी उपयोगी मानी जा रही है।स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पिछले वर्ष इन केंद्रों का लाभ केवल 299 गर्भवती महिलाओं ने लिया। समीक्षा में सामने आया कि कई परिवार इसलिए इन केंद्रों तक नहीं पहुंचते क्योंकि साथ आने वाले परिजन की रोज़ की मजदूरी छूट जाती है। इसी समस्या को देखते हुए अब तीमारदारों के लिए 300 रुपये प्रतिदिन देने का फैसला किया गया है।बर्थ वेटिंग होम में गर्भवती महिलाओं और उनके साथ आने वाले व्यक्ति के रहने और भोजन की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई जाती है। प्रत्येक केंद्र में एक समय में तीन महिलाओं के ठहरने की सुविधा है।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इस पहल से अधिक महिलाएं समय रहते अस्पताल के पास पहुंच सकेंगी, जिससे सुरक्षित और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा मिलेगा। आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से भी ग्रामीण क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं को इस सुविधा की जानकारी दी जा रही है।

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