उत्तराखंड: कैंचीधाम के जाम पर केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा सख्त, वैकल्पिक रास्ते और पार्किंग बनाने के दिए निर्देश
हल्द्वानी: कैंचीधाम में लगने वाले जाम से निपटने के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्यमंत्री अजय टम्टा ने अधिकारियों को वैकल्पिक मार्ग और पार्किंग विकसित करने के प्रस्ताव जल्द तैयार करने के निर्देश दिए हैं। शनिवार को काठगोदाम स्थित सर्किट हाउस में हुई बैठक में उन्होंने पिछले सप्ताह कैंचीधाम में लगे जाम पर नाराजगी जताई और ऐसी स्थिति दोबारा न बनने देने के लिए ठोस इंतजाम करने को कहा।
केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि कैंचीधाम आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बेहतर व्यवस्था जरूरी है। उन्होंने मंदिर प्रशासन से बातचीत कर मंदिर में प्रवेश और निकासी के लिए अलग-अलग रास्ते बनाने की संभावना तलाशने को कहा। उन्होंने सुझाव दिया कि मंदिर सुबह 6 बजे के बजाय 4 बजे खोला जाए। निकासी का रास्ता पार्किंग की ओर से बनाने पर भी विचार करने के निर्देश दिए…ताकि मंदिर के सामने सड़क पर जाम न लगे।बैठक में निगलाट के पास वन विभाग की नर्सरी की खाली जमीन पर पार्किंग बनाने का प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया। इसके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग और वन विभाग के अधिकारियों को संयुक्त सर्वे कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए।
अजय टम्टा ने पाटलीगांव से रातीघाट तक सड़क की खराब स्थिति पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने सड़क को सुचारू करने के लिए जल्द प्रस्ताव बनाने और सैनिटोरियम से पाटलीगांव तक सड़क की मरम्मत कराने को कहा…ताकि इस मार्ग का इस्तेमाल वैकल्पिक रास्ते के तौर पर किया जा सके।
इसके अलावा क्वारब से तल्ला रामगढ़ मार्ग को दो लेन करने और कैंचीधाम से हड़तप्पा तक वैकल्पिक सड़क का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए। भवाली से कैंचीधाम तक सड़क चौड़ीकरण के लिए भी वन विभाग के साथ समन्वय कर सर्वे करने को कहा गया।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि रानीबाग स्थित भीमताल-नैनीताल तिराहे पर अक्सर जाम की स्थिति बनती है। यहां वैली ब्रिज बनने से नैनीताल आने-जाने वाले वाहनों को राहत मिल सकती है। इस पर मंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्ग और वन विभाग के अधिकारियों को संयुक्त सर्वे कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।उन्होंने गुलाबघाटी के चौड़ीकरण का प्रस्ताव जल्द स्वीकृत कर काम शुरू करने की बात भी कही। इससे इस मार्ग पर यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।अजय टम्टा ने बताया कि गौलापार-लालकुआं बाईपास के टेंडर हो चुके हैं और इसका निर्माण डेढ़ साल में पूरा करने का लक्ष्य है। उन्होंने अधिकारियों को पर्वतीय मार्गों पर यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए आपसी समन्वय के साथ काम करने को कहा।बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी, प्रभागीय वनाधिकारी आकाश , आरटीओ अरविंद कुमार पांडे, राष्ट्रीय राजमार्ग के अधीक्षण अभियंता राजेश पांडे, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता रतनेश सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
केंद्रीय राज्यमंत्री ने आम लोगों से अपील की कि वे पर्वतीय मार्गों पर सड़क किनारे वाहन खड़े न करें। वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा करें और यातायात नियमों का पालन करें, ताकि जाम की समस्या कम हो सके।


