बागेश्वर पुलिस की अनूठी ‘पहाड़ सुरक्षा चौपाल’; चौकी शामा पुलिस ने पर्वतीय चोटियों पर पहुँचकर ग्रामीणों से किया सीधा संवाद, आईटीआई कांडा में भी छात्र-छात्राओं को सिखाए सुरक्षा के गुर
बागेश्वर पुलिस की अनूठी ‘पहाड़ सुरक्षा चौपाल’; चौकी शामा पुलिस ने पर्वतीय चोटियों पर पहुँचकर ग्रामीणों से किया सीधा संवाद, आईटीआई कांडा में भी छात्र-छात्राओं को सिखाए सुरक्षा के गुर।अभियान के दौरान उपस्थित आमजन को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक एवं सतर्क रहने की शपथ भी दिलाई गई।
पुलिस अधीक्षक बागेश्वर श्री जितेन्द्र मेहरा (IPS) के कुशल निर्देशन में जनपद पुलिस द्वारा सुदूर ग्रामीण व दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, उनके भीतर पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ाने और उन्हें आधुनिक डिजिटल व सामाजिक खतरों से सचेत करने हेतु लगातार “कम्युनिटी पुलिसिंग” के तहत विशेष अभियान संचालित किए जा रहे हैं।

इसी क्रम में आज दिनांक 08/10/2026 को थाना काण्डा पुलिस द्वारा राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) कांडा तथा चौकी शामा पुलिस टीम द्वारा अत्यधिक सुदूरवर्ती पर्वतीय गांवों में वृहद जन-जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
थाना कांडा क्षेत्र के अंतर्गत राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान कांडा में छात्र- छात्राओं को बढ़ते अपराधों से बचाव व बेहतर राष्ट्र निर्माण में अपनी ऊर्जा लगाने हेतु प्रेरित किया गया।
सामुदायिक पुलिसिंग को धरातल पर मजबूत करते हुए चौकी शामा पुलिस टीम द्वारा अत्यधिक कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच सुदूरवर्ती ऊंचे गांवों में बीट गश्त की गई। पुलिस टीम ने प्राकृतिक वादियों के बीच स्थानीय ग्रामीणों व युवाओं के साथ बैठकर सीधा संवाद स्थापित किया। पुलिस अधिकारियों ने विशेष रूप से एकाकी जीवन जी रहे वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य व कुशलक्षेम की जानकारी ली और आश्वस्त किया कि किसी भी आकस्मिक संकट या आपदा के समय बागेश्वर पुलिस उनकी सहायता के लिए ’24×7 सदैव तत्पर’ है।
साइबर सुरक्षा अभियान 2.0 एवं साइबर जागरूकता माह के अंतर्गत उपस्थित ग्रामीणों एवं छात्र- छात्राओं को ग्रामीण क्षेत्रों में भोले-भाले नागरिकों को निशाना बना रहे साइबर अपराधियों के प्रति सचेत करते हुए पुलिस टीम ने “डिजिटल अरेस्ट”, ऑनलाइन लॉटरी फ्रॉड, फर्जी बिजली बिल मैसेज और बैंक अधिकारी बनकर आने वाली फर्जी कॉल्स के खतरों से आगाह किया। ग्रामीणों को सख्त हिदायत दी गई कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी गोपनीय बैंकिंग जानकारी (ओटीपी/पिन) साझा न करें और न ही किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करें। ठगी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया समझाई गई। अभियान के दौरान उपस्थित आमजन को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक एवं सतर्क रहने की शपथ भी दिलाई गई।
चौपालों में उपस्थित युवाओं को समाज में पैर पसार रही नशे की कुरीतियों और इसके शारीरिक, मानसिक व आर्थिक दुष्प्रभावों के प्रति गहनता से जागरूक किया गया। पुलिस टीम ने अपील की कि यदि क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति अवैध रूप से मादक पदार्थों की तस्करी या उत्पादन करता है, तो उसकी गुप्त सूचना तत्काल नेशनल नारकोटिक हेल्पलाइन नंबर 1933 (मानस पोर्टल) पर दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह सुरक्षित और गोपनीय रखी जाएगी।
महिला सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए चौपाल में उपस्थित बालिकाओं को घरेलू हिंसा के विरुद्ध बने कड़े कानूनों की जानकारी दी गई। उन्हें उत्तराखण्ड पुलिस के विशेष ‘गौरा शक्ति ऐप’ के फीचर्स समझाते हुए आपातकाल में आपातकालीन पैनिक बटन (SOS) की उपयोगिता बताई गई। साथ ही, किसी भी प्रकार की आकस्मिक विपदा, कानून-व्यवस्था की समस्या या त्वरित सहायता प्राप्त करने हेतु राष्ट्रीय आपातकालीन नंबर डायल 112 तथा महिला हेल्पलाइन 1090 का जिम्मेदारी से उपयोग करने हेतु प्रशिक्षित किया गया।


