करंट से मौत के बाद अधिकारी निलंबित, यूपीसीएल एमडी ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

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मां-बेटी की करंट से मौत के बाद जेई निलंबित, यूपीसीएल एमडी ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

देहरादून। ऋषिकेश के खदरी ग्रामसभा में बिजली का तार टूटने से महिला और उसकी दो वर्षीय बेटी की करंट लगने से हुई मौत के मामले में उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) ने कड़ा कदम उठाया है। प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आने पर यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक पीसी ध्यानी ने रायवाला विद्युत वितरण उपखंड के अवर अभियंता शंभू प्रसाद बहुगुणा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। हादसे की विस्तृत जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति भी गठित की गई है।पानी में गिरा था टूटा बिजली का तार

घटना 16 अगस्त की शाम की है। खदरी ग्रामसभा क्षेत्र में तेज बारिश और हवाओं के बीच एलटी लाइन का बिजली का तार टूटकर कच्ची सड़क पर जमा पानी में गिर गया। इसी दौरान रास्ते से गुजर रही महिला और उसकी दो वर्षीय बच्ची बिजली के करंट की चपेट में आ गईं। हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
स्थानीय लोगों ने घटना की जानकारी विद्युत विभाग के उपखंड कार्यालय को दी। करंट फैलने की सूचना मिलते ही 11 केवी रायवाला रूरल फीडर की विद्युत आपूर्ति तत्काल बंद कराई गई।

एमडी ने बुलाई आपात बैठक

हादसे की गंभीरता को देखते हुए यूपीसीएल प्रबंध निदेशक पीसी ध्यानी ने तत्काल आपात बैठक बुलाकर पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की। उन्होंने मृतक परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दुर्घटना के कारणों और परिस्थितियों की गहन जांच के निर्देश दिए।

प्रथम दृष्टया जिम्मेदारी तय होने के बाद रायवाला विद्युत वितरण उपखंड के अवर अभियंता शंभू प्रसाद बहुगुणा को निलंबित कर दिया गया। साथ ही समिति को हादसे के सभी पहलुओं की जांच कर तत्काल रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

तीन सदस्यीय समिति करेगी जांच

घटना की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय समिति में मुख्य अभियंता कारपोरेट (नियोजन एवं तकनीकी सम्प्रेक्षा) ई. राजकुमार, मुख्य अभियंता (परियोजना) ई. मोहित जोशी और मुख्य अभियंता (सीएसएस एंड ईएपी) ई. अमित कुमार को शामिल किया गया है।समिति यह जांच करेगी कि बिजली का तार किन परिस्थितियों में टूटा, सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति क्या थी और हादसे से पहले संबंधित स्तर पर कोई लापरवाही हुई थी या नहीं। समिति को अपनी रिपोर्ट तत्काल प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रदेशभर में चलेगा विशेष सुरक्षा अभियान

हादसे के बाद यूपीसीएल ने पूरे प्रदेश में विद्युत लाइनों और विद्युत परिसंपत्तियों की विशेष सुरक्षा जांच एवं निवारक अनुरक्षण अभियान चलाने का फैसला किया है। सभी वितरण खंडों को एलटी लाइनों की सघन जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं।

ज्वाइंट, टर्मिनल और कनेक्शन जैसे संवेदनशील बिंदुओं की लोड की स्थिति में थर्मल विजन कैमरों से जांच कराई जाएगी। हॉट स्पॉट या असामान्य तापमान मिलने पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा 33/11 केवी एचटी लाइन, पोल, ट्रांसफार्मर, एलटी नेटवर्क, इंसुलेटर, अर्थिंग और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण भी कराया जाएगा। जलभराव वाले क्षेत्रों के साथ बाजारों, घनी आबादी, विद्यालयों और अस्पतालों को विशेष प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।

हर डिवीजन में 20 संवेदनशील स्थान चिन्हित होंगे

यूपीसीएल ने प्रत्येक डिवीजन को विद्युत सुरक्षा की दृष्टि से 20 सर्वाधिक संवेदनशील स्थान चिन्हित करने और वहां प्राथमिकता के आधार पर सुधारात्मक कार्य कराने के निर्देश दिए हैं।
अभियान की निगरानी संबंधित अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंता करेंगे। प्रबंध निदेशक ने स्पष्ट किया है कि विद्युत सुरक्षा के मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच में जिम्मेदारी सामने आने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी की जवाबदेही तय करते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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