बागेश्वर:गरुड़ फायर ब्रिगेड की मुस्तैदी; रतमटिया भैंटा, कोटफुलवारी और झालामली के जंगलों में भड़की आग को पाया काबू, टला बड़ा हादसा
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आगामी फायर सीजन के दृष्टिगत पुलिस अधीक्षक बागेश्वर श्री जितेन्द्र मेहरा द्वारा जनपद की समस्त फायर यूनिट्स को आपात स्थिति से निपटने और वनाग्नि की घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। इन निर्देशों के अनुपालन में दिनांक 21-05-2026 को फायर स्टेशन गरुड़ की टीम ने तत्परता दिखाते हुए दो अलग-अलग घटनाओं में वनाग्नि पर पूरी तरह काबू पाकर वन संपदा को सुरक्षित बचाया। दोनों ही घटनाओं में सूझबूझ से काम लेने के कारण कोई जन-जीव हानि नहीं हुई।
पहली घटना: गरुड़-कौसानी मार्ग (रतमटिया भैंटा)
दिनांक 21-05-2026 को सुबह 11:30 बजे फायर स्टेशन गरुड़ को फोन से सूचना मिली कि रतमटिया भैंटा के पास जंगल में भीषण आग लगी है, जो तेजी से फैल रही है। सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए गरुड़ फायर यूनिट मौके पर पहुंची। आग गरुड़-कौसानी मार्ग पर कई अलग-अलग स्थानों पर फैल चुकी थी। फायर टीम ने मिनी हाई-प्रेशर सिस्टम से लगातार पानी की बौछार (पम्पिंग) कर विभिन्न जगहों पर लगी आग को शांत किया। दूरदराज के दुर्गम इलाकों में लगी आग के लिए तुरंत वन विभाग को सूचित कर मौके पर बुलाया गया।

दूसरी घटना: कोटफुलवारी, झालामाली और कज्युली स्कूल क्षेत्र
शाम 07:00 बजे फोन और पीएफटी (PFT) के माध्यम से सूचना मिली कि कोटफुलवारी, झालामाली और कज्युली प्राइमरी स्कूल के पास के जंगलों में आग धधक रही है। खतरे को देखते हुए फायर यूनिट गरुड़ के दो वाटर टेंडर (दमकल वाहन) तुरंत मौके के लिए रवाना हुए। आग अलग-अलग हिस्सों में फैली हुई थी। फायर कर्मियों ने सूझबूझ से काम लेते हुए फायर लाइन बनाई, पारंपरिक तरीकों और पानी की भारी पंपिंग की मदद से आग को चारों तरफ से घेरकर पूर्ण रूप से बुझा दिया।
समय रहते की गई इस त्वरित कार्रवाई के कारण आबादी क्षेत्र और वन्य जीवों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।


