उत्तराखंड: यहां गैस सप्लाई में प्रशासन ने कसा शिकंजा, कई पकड़े गए

ख़बर शेयर करें

नैनीताल जिले में एलपीजी गैस की कालाबाजारी पर रोक लगाने और उपभोक्ताओं को समय पर गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देश पर जिले में त्वरित प्रतिक्रिया दल (QRT) का गठन किया गया है, जो लगातार गैस एजेंसियों और सप्लाई व्यवस्था पर नजर बनाए हुए है।

प्रशासन द्वारा जारी किए गए हेल्पलाइन नंबरों पर शनिवार को गैस आपूर्ति से जुड़ी 45 शिकायतें प्राप्त हुईं…जिनका संबंधित एजेंसियों के माध्यम से समाधान कराया गया। इसके साथ ही व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर भी उपभोक्ताओं की समस्याओं का त्वरित निस्तारण किया जा रहा है।जिला प्रशासन के अनुसार 3 अप्रैल को जिले में 7709 घरेलू और 112 व्यावसायिक गैस सिलेंडर प्राप्त हुए…जबकि 8115 घरेलू और 439 व्यावसायिक उपभोक्ताओं को गैस की आपूर्ति की गई। वर्तमान में जिले में पर्याप्त स्टॉक भी उपलब्ध बताया गया है।

क्यूआरटी टीम द्वारा अब तक 85 गैस एजेंसियों, 95 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और 90 डिलीवरी वाहनों का औचक निरीक्षण किया गया है। इस दौरान अनियमितताओं पर कार्रवाई करते हुए 4 एफआईआर दर्ज की गई हैं। साथ ही 12 घरेलू, 28 व्यावसायिक और 22 छोटे सिलेंडर के साथ एक पिकअप वाहन भी जब्त किया गया है।अपर जिलाधिकारी विवेक राय ने बताया कि कुछ उपभोक्ताओं ने बुकिंग और भुगतान के बाद भी गैस न मिलने की शिकायत की थी, जिसके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों और एजेंसी प्रबंधकों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्रवाई की जा रही है।
प्रशासन ने गैस वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए “फर्स्ट इन-फर्स्ट आउट” नीति लागू करने के निर्देश दिए हैं…ताकि पहले बुकिंग कराने वाले उपभोक्ताओं को प्राथमिकता मिल सके।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि गैस कालाबाजारी, डायवर्जन या अन्य अनियमितताओं की जानकारी तुरंत हेल्पलाइन या व्हाट्सएप नंबर पर दें। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

ADVERTISEMENTS
Ad Ad Ad Ad Ad
Ad