उत्तराखंड: आयुष बेलवाल बने लोअर PCS-2024 टॉपर, बिक्रांत सिंह दूसरे नंबर पर

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सेना में जाने का सपना टूटा तो चुनी PCS की राह, अब आयुष बेलवाल बने लोअर PCS-2024 टॉपर

देहरादून। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (UKPSC) ने लोअर PCS परीक्षा-2024 का अंतिम परिणाम जारी कर दिया है। देहरादून निवासी आयुष बेलवाल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए परीक्षा में टॉप स्थान हासिल किया है। आयुष का सफर इसलिए भी खास है क्योंकि उनका सपना सेना में जाने का था, लेकिन मेडिकल इंजरी के कारण उन्हें अपना रास्ता बदलना पड़ा।
आयुष ने बताया कि बचपन से ही उनका सपना सेना में जाने का था। उन्होंने सेना में भर्ती की तैयारी भी की और इसके लिए एसएसबी तक की तैयारी की, लेकिन इसी दौरान उन्हें मेडिकल इंजरी हो गई।इसके चलते सेना में जाने का सपना पूरा नहीं हो सका। इसके बाद उन्होंने पीसीएस की तैयारी को अपना लक्ष्य बनाया और सफलता हासिल की।आयुष ने डीएवी पीजी कॉलेज से बीएससी (पीसीएम) और एमएससी फिजिक्स की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने पीसीएस परीक्षा की तैयारी शुरू की। उन्होंने बताया कि सबसे पहले प्रयाग आईएएस अकादमी से फाउंडेशन कोर्स किया और फिर लगातार तैयारी में जुटे रहे।

वर्ष 2023 में उन्होंने पहली बार समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी की परीक्षा दी, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने पीसीएस-2024 की प्री परीक्षा पास की, हालांकि इंटरव्यू में चूक गए। इसके बाद उन्होंने दोबारा लोअर पीसीएस की परीक्षा दी और इस बार प्रदेश में टॉप करते हुए अपनी मेहनत का परिणाम हासिल किया।

405 अंक हासिल कर बने टॉपर
उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की ओर से जारी परिणाम के अनुसार लोअर PCS-2024 में 113 पदों के लिए 88,688 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। परीक्षा में आयुष बेलवाल ने कुल 405 अंक हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया। उन्होंने मुख्य परीक्षा में 355 और साक्षात्कार में 50 अंक प्राप्त किए।
आयुष का चयन नायब तहसीलदार पद के लिए हुआ है। परीक्षा के टॉप-10 में उत्तराखंड के विभिन्न जिलों के अभ्यर्थियों ने जगह बनाई है।
परिवार में खुशी का माहौल
आयुष का परिवार देहरादून में रहता है। उनके पिता राजेंद्र प्रसाद बेलवाल जीआईसी किशनपुर में लेक्चरर हैं, जबकि उनकी मां अनीता बेलवाल गृहिणी हैं। आयुष के एक भाई एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं, जबकि उनकी बहन राजस्थान से बीएड कर रही हैं।
आयुष ने अपनी सफलता का श्रेय परिवार के सहयोग, लगातार मेहनत और सही दिशा में की गई तैयारी को दिया। उनका कहना है कि असफलता के बाद भी उन्होंने प्रयास जारी रखा और आखिरकार सफलता हासिल की।

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