उत्तराखंड: जिसे बेटी समझकर अपने घर में दी शरण, वही ले उड़ी असली बेटी

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रुड़की: शिवपुरम निवासी एक व्यक्ति ने इंसानियत दिखाते हुए एक लावारिस किशोरी को अपने घर में शरण दी…लेकिन अब वही किशोरी उसकी नाबालिग बेटी को लेकर फरार हो गई। पीड़ित ने गंगनहर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई है और अपनी बेटी की सकुशल वापसी की गुहार लगाई है।
पीड़ित व्यक्ति के अनुसार करीब डेढ़ माह पहले सालियर के पास उसे एक 15 वर्षीय किशोरी लावारिस हालत में मिली थी। किशोरी ने बताया था कि वह दिल्ली के मंगोलपुरी स्थित खाटू श्याम मंदिर के पास की रहने वाली है और लंबे समय से किन्नरों के साथ रह रही थी। उसकी बातों और दर्द भरी कहानी ने व्यक्ति को झकझोर दिया। वह उसे अपने घर ले आया और तत्काल पुलिस को भी सूचना दी।
पुलिस की सलाह पर व्यक्ति ने किशोरी को अपने घर में रखकर पालन-पोषण शुरू कर दिया। लेकिन समय के साथ उसे किशोरी के व्यवहार में कुछ अजीब बातें नजर आने लगीं। व्यक्ति ने बताया कि उसका चालचलन ठीक नहीं था और आशंका थी कि वह किसी गलत संगति में रह चुकी है।
तीन अक्टूबर को यह आशंका हकीकत में बदल गई…जब किशोरी उसकी नाबालिग बेटी को स्कूल से अपने साथ लेकर फरार हो गई। उस दिन जब पीड़ित का बेटा बहन को लेने स्कूल गया तो यह जानकारी सामने आई।
पुलिस सूत्रों के अनुसार किशोरी के पुराने ठिकानों की भी जांच की जा रही है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पीड़ित पिता ने पुलिस से मांग की है कि उसकी बेटी को जल्द से जल्द ढूंढा जाए और दोषी किशोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।

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