उत्तराखंड: टिहरी की महिलाओं ने बदली गांव की तस्वीर, मुख्य सचिव भी हुए प्रभावित
टिहरी गढ़वाल। उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने शुक्रवार को टिहरी जिले के चंबा विकासखंड में चल रही विभिन्न आजीविका और स्वरोजगार योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता बढ़ाने और महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए संचालित परियोजनाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रीप और अन्य आजीविका योजनाओं के माध्यम से महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी जाए। साथ ही स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग और बाजार तक पहुंच बढ़ाने के लिए ठोस प्रयास किए जाएं।ग्राम दिखोलगांव में उन्होंने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा संचालित “हिमालयन भोजनालय” फूड कार्ट का निरीक्षण किया। महिलाओं ने स्थानीय व्यंजनों के निर्माण और बिक्री से जुड़ी जानकारी साझा की। मुख्य सचिव ने इस पहल को ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने वाला सफल मॉडल बताया।
इसके बाद उन्होंने नागणी में निर्माणाधीन मिनी फिश प्रोसेसिंग यूनिट का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि परियोजना का अधिकांश निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और शेष कार्य तेजी से किया जा रहा है। मुख्य सचिव ने गुणवत्ता के साथ समय पर परियोजना पूरी करने के निर्देश दिए।
भिन्नू गांव में पोल्ट्री फार्म का निरीक्षण करते हुए उन्होंने स्वरोजगार के क्षेत्र में पशुपालन और पोल्ट्री व्यवसाय की संभावनाओं को सराहा। वहीं दुवाधार स्थित जैविक उत्पाद आउटलेट का भी अवलोकन किया…जहां स्वयं सहायता समूह की महिलाएं स्थानीय जैविक उत्पादों का विपणन कर रही हैं।
मुख्य सचिव ने कहा कि सरकारी योजनाओं, स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय संसाधनों के बेहतर समन्वय से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिल रही है। उन्होंने अधिकारियों को ग्रामीण उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और रोजगार के नए अवसर विकसित करने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे, मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

