बागेश्वर:नवागंतुक पुलिस अधीक्षक का ‘एक्शन मोड’: कोतवाली बागेश्वर सहित महत्वपूर्ण पुलिस शाखाओं का किया आकस्मिक निरीक्षण

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नवागंतुक पुलिस अधीक्षक का ‘एक्शन मोड’: कोतवाली बागेश्वर सहित महत्वपूर्ण पुलिस शाखाओं का किया आकस्मिक निरीक्षण

पुलिस अधीक्षक बागेश्वर श्री जितेंद्र मेहरा (IPS) द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत जनपद की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली को जमीनी स्तर पर परखने हेतु आज दिनॉक-19/02/2026 को देर सायं आकस्मिक निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होंने कोतवाली बागेश्वर, पुलिस दूरसंचार शाखा, अभिसूचना इकाई (LIU) और आपातकालीन सेवा डायल 112 का बारीकी से जायजा लिया।


पुलिस अधीक्षक द्वारा कोतवाली के मालखाना, कार्यालय अभिलेख, हवालात और मेस की स्वच्छता का निरीक्षण किया गया। उन्होंने लंबित विवेचनाओं के त्वरित निस्तारण और जन-शिकायतों पर संवेदनशीलता के साथ तत्काल कार्यवाही करने के कड़े निर्देश दिए। कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत अपराध नियंत्रण हेतु अधिक से अधिक चैकिंग एवं सत्यापन अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि मुख्य चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की विजिबिलिटी बढ़ाई जाए ताकि अपराधियों में भय और आमजन में सुरक्षा का भाव बना रहे। कोतवाली परिसर में चल रहे भवन निर्माण और मरम्मत कार्यों का जायजा लेते हुए पुलिस अधीक्षक महोदय ने कार्य की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने हेतु प्रभारी निरीक्षक को निर्देशित किया।

आपातकालीन सेवाओं की तत्परता परखने हेतु डायल 112 के रिस्पॉन्स टाइम की समीक्षा की गई। उन्होंने निर्देशित किया कि सूचना प्राप्त होते ही पुलिस टीम न्यूनतम समय में घटना स्थल पर पहुँचे ताकि पीड़ित को त्वरित सहायता मिल सके।

पुलिस अधीक्षक महोदय ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि शहर में स्थापित सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के माध्यम से संदिग्ध व्यक्तियों और अराजक तत्वों पर 24 घंटे पैनी नजर रखी जाए। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल टीम को मौके पर भेजा जाए।

अभिसूचना तंत्र को और अधिक मजबूत करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि असामाजिक तत्वों और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जाए। सूचना तंत्र (Intelligence) जितना मजबूत होगा, अपराध नियंत्रण उतना ही प्रभावी होगा।

निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक महोदय ने पुलिस कर्मियों के टर्न-आउट (वर्दी) और अनुशासन को परखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ड्यूटी के दौरान किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ड्यूटी पर तैनात पुलिस कार्मिकों के साथ संवाद कर उनकी व्यक्तिगत एवं विभागीय समस्याओं की जानकारी ली गई। कार्यप्रणाली को और अधिक बेहतर बनाने के लिए आवश्यक संसाधनों और सुरक्षा सामग्रियों के संबंध में फीडबैक लिया गया ताकि जवानों का मनोबल ऊँचा बना रहे।

निरीक्षण के अंत में उन्होंने कहा कि पुलिस का उद्देश्य जनता में सुरक्षा का भाव पैदा करना और अपराधियों में कानून का भय स्थापित करना है। “मित्र पुलिस” की छवि को और बेहतर बनाने हेतु उन्होंने सभी कार्मिकों को पूरी निष्ठा के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

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