बागेश्वर:सत्यापन न कराने वाले मकान मालिकों पर चालानी कार्यवाही

आपराधिक घटनाओं पर लगाम लगाने हेतु चलाए जा रहे Operation Crackdown के तहत एसपी बागेश्वर जितेंद्र मेहरा के नेतृत्व में जनपद पुलिस का सघन चेकिंग अभियान जारी
सत्यापन न कराने वाले मकान मालिकों पर चालानी कार्यवाही
*पुलिस महानिदेशक महोदय उत्तराखण्ड* द्वारा राज्य में आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाने तथा कानून व्यवस्था को अक्षुण्य बनाने हेतु वृहद सत्यापन अभियान *(Operation Crack Down Verification Drive)* चलाकर विभिन्न आश्रमों, होम स्टे, हॉस्टल, प्रतिष्ठानों, शैक्षणिक संस्थानों में अध्ययनरत, प्राइवेट नौकरी, श्रमिक, किरायेदार, फ्लैट लेकर निवासरत अज्ञात/अपरिचित/संदिग्ध, विभिन्न प्रकार के आपराधिक कृत्यों में लिप्त, आपराधिक पृष्ठभूमि छिपाकर रहने वाले संदिग्ध व्यक्तियों के विरुद्ध कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए है।
उक्त के क्रम में *पुलिस अधीक्षक बागेश्वर श्री जितेंद्र मेहरा* महोदय द्वारा सभी थाना/ चौकी प्रभारियों को विशेष टीम बनाकर दिनांक 15 फरवरी 2026 से 01 माह का सघन Operation Crack Down Verification Drive के तहत प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए है।
इसी क्रम में दिनांक 17/02/2026 को जनपद बागेश्वर पुलिस द्वारा अपने-अपने थानाक्षेत्रान्तर्गत सघन चैकिंग अभियान चलाकर कुल 70 लोगों का सत्यापन, चैकिंग के दौरान अनिमियता पाए जाने पर 8 लोगों के विरुद्ध पुलिस एक्ट में चालानी कार्यवाही की गयी , जिसमें थाना कपकोट पुलिस द्वारा बिना पुलिस सत्यापन के किरायेदार रखने पर 02 मकान मालिको का धारा 52(2)/83 पुलिस एक्ट के अंतर्गत 10-10 हजार रुपए का कोर्ट का चालान किया गया ।
अभियान के दौरान-
➤ टीमों द्वारा अपने थाना क्षेत्रांतर्गत पड़ने वाले फैक्ट्री, धर्मशाला, आश्रम, होटल, गेस्ट हाउस, होम स्टे, हॉस्टल, पेइंग गेस्ट हाउस आदि का रिकॉर्ड तैयार कर सत्यापन किया जा रहा है।
➤ निजी/ सार्वजनिक निकायों, उपक्रमों, उच्च शिक्षण/कोचिंग संस्थानों में कार्यरत श्रमिकों/कर्मचारियों, अथवा अन्य व्यवसायों में लगे महिला/पुरुष आदि सभी बाहरी व्यक्तियों का सत्यापन किया जाएगा।
जनपद के सभी मकान मालिकों से अपने किरायेदारों का रिकॉर्ड स्थानीय पुलिस थाने में उपलब्ध कराने हेतु अपील की गई।
➤ आम जनता से बाहरी भाषा, भेष-भूषा, रहन-सहन, किराये पर रहने वाले व्यक्तियों की गतिविधियों, लगातार आने-जाने वाले संदिग्ध लोगों, बड़े मकान/फ्लैट किराये पर लेने वालों आदि की सूचना स्थानीय पुलिस को गोपनीय रूप से देने की अपील की गई।

