उत्तराखंड : ग्रामीण विकास को लेकर मुख्य सचिव ने दिए अहम निर्देश

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देहरादून: मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में नाबार्ड की उच्च स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्रामीण अवसंरचना विकास कोष (आरआईडीएफ) के तहत अधिक से अधिक परियोजनाओं को शामिल करने और ग्रामीण विकास कार्यों में तेजी लाने पर जोर दिया गया।

मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे अपने प्रस्ताव अगले तीन दिनों के भीतर पोर्टल पर अपलोड करें। साथ ही पहले से चल रही परियोजनाओं की प्रतिपूर्ति के लिए भी प्रस्ताव जल्द भेजने को कहा…ताकि समय पर धनराशि जारी की जा सके।उन्होंने कहा कि विभागों को आपसी समन्वय के साथ योजनाएं तैयार करनी चाहिए…जिससे किसी भी क्षेत्र का समग्र विकास हो सके। कृषि और बागवानी क्षेत्र में क्लस्टर आधारित बड़े प्रोजेक्ट तैयार करने पर भी विशेष जोर दिया गया।

बैठक में नाबार्ड से तकनीकी और विशेषज्ञ सहयोग उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया। मुख्य सचिव ने कहा कि नाबार्ड को गतिशक्ति पोर्टल की सुविधा दी जाए…ताकि वह परियोजनाओं का अध्ययन कर कुछ क्षेत्रों में पायलट प्रोजेक्ट तैयार करने में सहयोग कर सके। इस पर नाबार्ड ने जल्द विशेषज्ञ टीम उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।
मुख्य सचिव ने उद्यान विभाग को पॉलीहाउस परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। इसके लिए सचिव स्तर पर हर सप्ताह समीक्षा करने को कहा गया। वहीं पशुपालन विभाग को सभी जिलों में बड़े पशु अस्पताल विकसित करने और दूरस्थ क्षेत्रों में पशु स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1,000 करोड़ रुपये के प्रस्ताव तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 500 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव शासन को प्राप्त हो चुके हैं। इनमें से 271 करोड़ रुपये के प्रस्ताव नाबार्ड को भेजे जा चुके हैं…जबकि 210 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) भी जमा कराई जा चुकी है।
बैठक में प्रमुख सचिव, विशेष प्रमुख सचिव, विभिन्न विभागों के सचिव, नाबार्ड के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे।

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