पुलिस उपाधीक्षक बागेश्वर ने सुरक्षा व्यवस्थाओं को परखकर ‘डायल 112’ की मुस्तैदी के दिए निर्देश

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पुलिस उपाधीक्षक बागेश्वर ने किया कोतवाली और जिला नियंत्रण कक्ष का अर्धवार्षिक निरीक्षण
सुरक्षा व्यवस्थाओं को परखकर ‘डायल 112’ की मुस्तैदी के दिए निर्देश

पुलिस अधीक्षक बागेश्वर श्री जितेंद्र मेहरा (IPS) के कुशल निर्देशन में जनपद पुलिस की कार्यप्रणाली को चुस्त-दुरुस्त और पारदर्शी बनाए रखने हेतु आज पुलिस उपाधीक्षक बागेश्वर श्री अजय शाह द्वारा कोतवाली बागेश्वर, जिला नियंत्रण कक्ष (DCR) और आपातकालीन सेवा ‘डायल 112’ का विस्तृत अर्धवार्षिक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान पुलिस उपाधीक्षक महोदय द्वारा कोतवाली बागेश्वर में कार्यालय अभिलेखों, शस्त्रागार (Armoury), मालखाना और बैरकों की सघन जाँच की गई। उपस्थित जवानों से शस्त्र का खोलना- जोड़ना कराया गया। ऑनलाइन जीडी और आईआईएफ (IIF) फॉर्मों को समय से फीड करने तथा सीसीटीएनएस (CCTNS) पोर्टल को निरंतर अपडेट रखने के निर्देश दिए गए। कार्यालय स्टाफ को अभिलेखों के समुचित रखरखाव हेतु निर्देशित किया गया। लंबित विवेचनाओं, शिकायती प्रार्थना पत्रों और कोर्ट वारंटों की शत-प्रतिशत तामीली सुनिश्चित करने हेतु विवेचकों को ‘समयबद्ध एवं गुणवत्तापरक निस्तारण’ के कड़े निर्देश दिए गए। थाने में लंबित माल और मुकदमाती वाहनों के शीघ्र निस्तारण पर जोर दिया गया। कोतवाली में आने वाले आगंतुकों और शिकायतकर्ताओं के साथ शालीनतापूर्वक व्यवहार करने तथा उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण करने हेतु निर्देशित किया गया। अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री करने वालों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्यवाही करने तथा बीट कर्मियों को अपने क्षेत्रों में निरंतर भ्रमणशील रहकर सूचना तंत्र मजबूत करने के निर्देश दिए गए। अपने-अपने क्षेत्रों में निवास कर रहे वरिष्ठ एवं एकल नागरिकों के घर-घर जाकर उनका कुशलक्षेम जानने को निर्देशित किया गया ।
क्षेत्र में बाहरी व्यक्तियों के व्यापक सत्यापन और साइबर सुरक्षा/सड़क सुरक्षा हेतु जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।

जनपद की सुरक्षा व्यवस्था की रीढ़ ‘जिला नियंत्रण कक्ष’ के निरीक्षण के दौरान कैमरों की निगरानी व्यवस्था को परखा गया। महोदय ने निर्देश दिए कि शहर के मुख्य चौराहों और संवेदनशील स्थलों पर स्थापित सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के माध्यम से संदिग्धों और अराजक तत्वों पर 24 घंटे पैनी नजर रखी जाए।
साथ ही ‘डायल 112’ की कार्यप्रणाली और रिस्पॉन्स टाइम (Response Time) की समीक्षा की गई। पुलिस उपाधीक्षक ने तैनात कार्मिकों को निर्देशित किया कि सूचना प्राप्त होते ही ‘गोल्डन ऑवर’ में मौके पर पहुँचकर पीड़ित को सहायता प्रदान करना सुनिश्चित करें। वाहनों के रखरखाव और संचार उपकरणों की भी बारीकी से जाँच की गई।

ड्यूटी पर तैनात अधिकारी/कर्मचारियों से सीधा संवाद कर उनकी व्यक्तिगत एवं विभागीय समस्याओं की जानकारी ली गई। महोदय ने स्पष्ट किया कि जनता के प्रति पुलिस का व्यवहार ‘मित्रवत’ और अपराधियों के प्रति ‘कठोर’ होना चाहिए।

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