बागेश्वर:वन भूमि हस्तांतरण मामलों की समीक्षा, लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश

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बागेश्वर,

📌 वन भूमि हस्तांतरण मामलों की समीक्षा, लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश

जिलाधिकारी आकांक्षा कोंड़े ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में वन भूमि हस्तांतरण से संबंधित लंबित मामलों की समीक्षा बैठक आयोजित की। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए लंबित प्रकरणों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि सड़क एवं अन्य विकास कार्य वन भूमि हस्तांतरण के कारण लंबित न रहें।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन प्रस्तावों में सीए (कम्पनसेटरी अफॉरेस्टेशन) भूमि उपलब्ध न होने के कारण विलंब हो रहा है, उनके समाधान हेतु तहसील स्तर पर उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक आयोजित कर सभी प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण किया जाए। समरेखण (अलाइनमेंट) विवाद वाले मामलों को सुलझाने के लिए एसडीएम के सहयोग से स्थानीय लोगों के साथ वार्ता कर समाधान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, वन भूमि हस्तांतरण के जो प्रस्ताव शासन, नोडल तथा भारत सरकार स्तर पर लंबित हैं, उनका संबंधित विभागीय अधिकारी नियमित रूप से फॉलो-अप करें तथा जिन प्रस्तावों पर आपत्तियां दर्ज की गई हैं, उनका त्वरित निराकरण किया जाए।

उन्होंने पेयजल निगम को निर्देशित किया कि जिन योजनाओं की वन भूमि लीज समाप्त हो चुकी है, उनका समयबद्ध नवीनीकरण कराया जाए। साथ ही, सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए कि योजनाओं का टेकओवर पूर्ण एवं सत्यापित जानकारी प्राप्त करने के उपरांत ही किया जाए। इसके अतिरिक्त, जिन विभागों की योजनाएं/परियोजनाएं किसी कारणवश निरस्त हो चुकी हैं, उनके लिए आवंटित सीए भूमि को वापस करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी आदित्य रत्ना ने अवगत कराया कि लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई एवं पेयजल निगम से संबंधित वन भूमि हस्तांतरण के कुल 44 प्रस्ताव विभिन्न स्तरों पर प्रक्रियाधीन हैं, जिनमें से 33 प्रस्ताव प्रस्तावक विभाग स्तर पर, 09 नोडल स्तर पर तथा 02 राज्य सरकार स्तर पर लंबित हैं।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी आर.सी. तिवारी, अपर जिलाधिकारी एन.एस. नबियाल सहित सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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