उत्तराखंड: मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सभी जनपदों के जिलाधिकारियों एवं शासन के उच्चाधिकारियों के साथ बैठक कर जनपद स्तर से शासन स्तर पर लंबित प्रकरणों की समीक्षा की,दिए ये निर्देश

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मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सभी जनपदों के जिलाधिकारियों एवं शासन के उच्चाधिकारियों के साथ बैठक कर जनपद स्तर से शासन स्तर पर लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने सभी सम्बन्धित विभागों को लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपदों की आवश्यकताओं एवं जनहित से जुड़े प्रकरणों को प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग एवं सभी जनपदों के सीएमओ से ऐसे चिकित्सकों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए,जो लंबे समय से बिना सूचना अथवा अनुमति के अनुपस्थित चल रहे हैं। उन्होंने ऐसे चिकित्सकों के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित किए जाने के भी निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने जनपद स्तरीय समितियों की बैठकों को नियमित रूप से आयोजित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं से विभागीय सचिवों को अनिवार्य रूप से अवगत कराया जाए ताकि उन समस्याओं को पॉलिसी स्तर से दूर किया जा सके।

उन्होंने निर्देश दिए कि ई-ऑफिस को गंभीरता से लागू कराया जाना सुनिश्चित किया जाए, ताकि फ़ाइलों के प्रचालन में गति लाई जा सके। बैठक के दौरान विभिन्न विभागों के जनपद एवं विकासखण्ड स्तर पर रिक्त पदों को भरे जाने अथवा आवश्यकतानुसार पद सृजित किए जाने, भूमि हस्तांतरण से सम्बन्धित प्रकरणों, विभिन्न विभागीय परियोजनाओं की स्वीकृति एवं बजट की उपलब्धता तथा चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। विभागों द्वारा मामलों पर अद्यतन स्थिति एवं निस्तारण की कार्यवाही की जानकारी दी गई।

मुख्य सचिव ने डिस्ट्रिक्ट टेलीकॉम कमेटी की बैठकों को नियमित रूप से आयोजित किए जाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने जनपदों में नेटवर्क से सम्बन्धित समस्याओं को डीडीजी टेलीकॉम एवं सचिव आईटी के संज्ञान में लाकर उनके त्वरित समाधान के निर्देश दिए।

इसके साथ ही सीईओ एवं बीईओ की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए तथा इस संबंध में अगले 15 दिनों के भीतर आवश्यक कार्यवाही पूर्ण करने को कहा गया। जनपद स्तर से बताया गया कि फरवरी माह में निर्धारित कट-ऑफ तिथि के कारण मार्च माह में होने वाले विवाहों के लिए पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस संबंध में कट-ऑफ तिथि से संबंधित प्रावधान को हटाए जाने की मांग रखी गई।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री आर. के. सुधांशु, श्री एल. फैनई, सचिव श्री शैलेश बगौली, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. आर. राजेश कुमार, श्री रविनाथ रामन, डॉ. वी. षणमुगम, श्री विनय शंकर पाण्डेय, सुश्री ज्योति यादव, श्री विनोद कुमार सुमन एवं श्री राजेंद्र कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं जनपदों से जिलाधिकारी उपस्थित थे।

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