बागेश्वर:उत्तराखण्ड राज्य स्थापना दिवस के पूर्व कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत ग्राम डुंगरी में आयुर्वेदिक स्वास्थ्य एवं योग शिविर का आयोजन
उत्तराखण्ड राज्य स्थापना दिवस के पूर्व कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत ग्राम डुंगरी में आयुर्वेदिक स्वास्थ्य एवं योग शिविर का आयोजन, 34 ग्रामीण लाभान्वित।
बागेश्वर। उत्तराखण्ड राज्य स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत जिला आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी बागेश्वर डॉ निष्ठा शर्मा कोहली के निर्देशन में आयुष्मान आरोग्य मंदिर, चौरा, बागेश्वर के द्वारा ग्राम डुंगरी में आयुर्वेदिक स्वास्थ्य, योग, डिजिटल प्रकृति परीक्षण एवं जन-जागरूकता शिविर का भव्य आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य ग्रामीण जनता को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ आयुर्वेद, योग एवं स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना रहा।

कार्यक्रम में ग्राम डुंगरी के ग्राम प्रधान श्री नरेंद्र सिंह रौतेला मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। शिविर के दौरान कुल 34 ग्रामीणों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं से लाभान्वित किया गया।
शिविर में ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर एवं हीमोग्लोबिन की निःशुल्क जांच, आवश्यक औषधियों का वितरण तथा योगाभ्यास सत्र आयोजित किए गए। साथ ही आयुर्वेद की महत्वपूर्ण अवधारणाओं दिनचर्या, ऋतुचर्या एवं आहार-विहार पर विस्तृत जानकारी देते हुए दैनिक जीवन में इन्हें अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
इसके अतिरिक्त स्वच्छता, संतुलित पोषण, नशामुक्ति एवं रोगों से बचाव संबंधी जन-जागरूकता गतिविधियां संचालित की गईं। शिविर में डिजिटल प्रकृति परीक्षण के माध्यम से लाभार्थियों की प्रकृति का आकलन कर उन्हें स्वास्थ्य एवं जीवनशैली संबंधी उपयोगी परामर्श भी प्रदान किया गया।
शिविर में आयुष्यमान आरोग्य मंदिर चौरा के चिकित्सा अधिकारी डॉ. एजल पटेल, फार्मेसी अधिकारी श्रीमती नीलम खत्री, योग अनुदेशक श्री बाल कृष्ण एवं योग अनुदेशक कु. प्रीति फर्स्वाण ने अपनी सेवाएं प्रदान करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाया।
इस अवसर पर आयुर्वेद एवं योग को जीवन का अभिन्न अंग बनाने, स्वस्थ दिनचर्या अपनाने तथा स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहकर निरोग जीवन जीने का संदेश दिया गया।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर, चौरा, बागेश्वर की यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के प्रचार-प्रसार एवं जनस्वास्थ्य संवर्धन की दिशा में एक सराहनीय कदम है।

