आयुक्त एवं मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत की जनसुनवाई, जमीन से लेकर पारिवारिक विवादों तक कई मामलों में दिए निर्देश
हल्द्वानी: जमीन की रजिस्ट्री के बाद दाखिल-खारिज अटका हो या प्लॉट खरीदने के बाद रकम वापस न मिल रही हो….ऐसी शिकायतों को लेकर शनिवार को आयुक्त एवं मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत ने जनसुनवाई की। हल्द्वानी स्थित कैम्प कार्यालय में हुई सुनवाई के दौरान उन्होंने अलग-अलग मामलों में दोनों पक्षों को बुलाकर उनकी बात सुनी और कई शिकायतों का मौके पर समाधान कराया।
कमोला में प्लॉट खरीदने वाली भगवती देवी ने बताया कि जमीन की रजिस्ट्री होने के बाद भी दाखिल-खारिज नहीं हो पा रही है। इसकी वजह जमीन के विक्रेता की ओर से बैंक लोन की किस्तें जमा न करना है। मामले में दीपक रावत ने विक्रेता को बकाया 2 लाख 60 हजार रुपये 15 दिनों के भीतर बैंक में जमा कराने के निर्देश दिए। ऐसा नहीं करने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
पंतनगर में 15 लाख 70 हजार रुपये में प्लॉट खरीदने वाले वैद्यनाथ महतो ने शिकायत की कि तय समय-सीमा जून 2026 तक शेष 7 लाख 50 हजार रुपये का भुगतान नहीं हो पाने के कारण रजिस्ट्री नहीं हो सकी। इस मामले में दोनों पक्षों को बुलाया गया। सुनवाई के बाद समझौते के आधार पर विक्रेता कैलाश कर्नाटक को वैद्यनाथ महतो की रकम वापस करने के निर्देश दिए गए।
ब्याज पर रकम देने से जुड़ी शिकायत पर दीपक रावत ने स्पष्ट किया कि साहूकारी का कारोबार करने के लिए संबंधित नियमों के तहत वैध लाइसेंस लेना जरूरी है। बिना लाइसेंस ब्याज पर कर्ज देने की गतिविधि गैरकानूनी है।
कोटाबाग क्षेत्र के पतेलिया-खुड़लिया निवासी विनोद कुमार और संध्या के मामले में दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद विनोद कुमार को पत्नी का सामान वापस करने के निर्देश दिए गए। सामान नहीं लौटाने पर नियमानुसार कार्रवाई की बात कही गई।
सविता ने लंबे समय से काम कर रहे श्रमिकों की बहाली और पुराने बकाया वेतन का भुगतान कराने की मांग रखी। इस पर आयुक्त ने संबंधित संस्थान में भविष्य में किसी पद पर रिक्ति होने की स्थिति में शिकायतकर्ता को प्राथमिकता देने के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
सल्ट के भिकियासैंण निवासी जानकी शर्मा ने निर्माण कार्य का वैल्यूएशन कराने की मांग की। आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य का मूल्यांकन कर नियमानुसार देय राशि तय करने और बची हुई धनराशि शिकायतकर्ता को लौटाने की प्रक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में धनराशि के लेनदेन, भूमि के विनियमितीकरण, भूमिधरी अधिकार, टुक-टुक खरीद में कथित धोखाधड़ी, भरण-पोषण और बेटी की शादी के लिए श्रम विभाग से आर्थिक सहायता दिलाने से जुड़ी शिकायतें भी सामने आईं।
दीपक रावत ने देर शाम तक लोगों की शिकायतें सुनीं। प्रशासन की ओर से बताया गया कि अधिकांश मामलों में दोनों पक्षों की सहमति से समाधान कराया गया।

