उत्तराखंड में SIR पर बड़ा अपडेट, 24.29 लाख नोटिसों की सुनवाई पूरी; अब DSE-PSE की बारी
देहरादून: उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर मंगलवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। बैठक में SIR की प्रगति, दावे-आपत्तियों और आगे की प्रक्रिया को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग ने उत्तराखंड में मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की तारीख में बदलाव किया है। अब अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 3 अक्टूबर 2026 को निर्धारित किया गया है।
24 लाख से ज्यादा नोटिसों पर सुनवाई पूरी
बैठक में SIR के तहत जारी नोटिसों की प्रगति की जानकारी भी दी गई। कुल 24 लाख 30 हजार मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए थे। इनमें से 24 लाख 29 हजार से अधिक नोटिसों पर अब तक सुनवाई पूरी की जा चुकी है।
इसके अलावा फॉर्म 6, 7 और 8 के माध्यम से प्राप्त दावों एवं आपत्तियों में भी 40 प्रतिशत से ज्यादा मामलों की सुनवाई पूरी होने की जानकारी दी गई।
DSE और PSE मॉड्यूल होगा लागू
बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को बताया गया कि उत्तराखंड में डेमोग्राफिक सिमिलर एंट्री यानी DSE और फोटो सिमिलर एंट्री यानी PSE मॉड्यूल लागू किया जाएगा।
इस प्रक्रिया के दौरान जिन मतदाताओं के नाम इन श्रेणियों में पाए जाएंगे….उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा। संबंधित मतदाताओं को अपना जवाब देने के लिए 15 दिन का समय दिया जाएगा।
राजनीतिक दलों से लिए गए सुझाव
बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से सुझाव भी लिए गए। निर्वाचन विभाग ने SIR की प्रक्रिया को लेकर अब तक हुई कार्रवाई और आगे की प्रक्रिया की जानकारी प्रतिनिधियों के सामने रखी।
बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी और सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।


