उत्तराखंड : सिम कार्ड के दुरुपयोग पर होगी सख्त कार्रवाई, तीन साल तक जेल और 50 लाख रुपये तक जुर्माना
सिम के दुरुपयोग पर होगी सख्त कार्रवाई, तीन साल तक जेल और 50 लाख रुपये तक जुर्माना
नई दिल्ली। मोबाइल सिम कार्ड के गलत इस्तेमाल और आईएमईआई नंबर से छेड़छाड़ को लेकर दूरसंचार विभाग ने नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने सिम के दुरुपयोग को गंभीर अपराध बताते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। नियमों का उल्लंघन करने पर तीन वर्ष तक की जेल और 50 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।दूरसंचार विभाग के मुताबिक छत्तीसगढ़ में सिम फ्रॉड का एक मामला सामने आया, जिसमें एक प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) एजेंट ने नागरिकों के पहचान दस्तावेजों का उनकी जानकारी या सहमति के बिना इस्तेमाल कर 25 सिम कार्ड जारी कर दिए थे। मामला सामने आने के बाद संबंधित पीओएस एजेंट को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया और भविष्य में उसके जरिए मोबाइल कनेक्शन जारी करने पर रोक लगा दी गई।
विभाग ने डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (डीआईपी) के माध्यम से इन 25 मोबाइल नंबरों की जांच की। जांच के दौरान ऐसे मामलों का पता चला, जिनमें नागरिकों के पहचान दस्तावेजों का बिना जानकारी या सहमति के इस्तेमाल किया गया था।इन मामलों में रहें सावधान
दूरसंचार विभाग ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे ऐसे मोबाइल फोन, मॉडम, मॉड्यूल, सिम बॉक्स या अन्य उपकरणों का इस्तेमाल न करें, जिनका आईएमईआई नंबर बदला या छेड़छाड़ किया गया हो। इसके अलावा जाली दस्तावेजों या धोखाधड़ी से सिम कार्ड खरीदने से भी बचने को कहा गया है।
विभाग ने लोगों को अपने नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शनों की नियमित जांच करने की सलाह दी है। इसके लिए संचार साथी पोर्टल और मोबाइल ऐप का इस्तेमाल किया जा सकता है। पोर्टल के जरिए नागरिक अपने नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शनों की जानकारी देख सकते हैं और किसी संदिग्ध नंबर की शिकायत भी कर सकते हैं।विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि अपने नाम पर जारी सिम कार्ड किसी अन्य व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए देना या बेचना, खासकर उसके संभावित दुरुपयोग की स्थिति में, कानूनी परेशानी का कारण बन सकता है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपने मोबाइल कनेक्शन और पहचान दस्तावेजों का इस्तेमाल बेहद सावधानी से करें।


