कुछ ही घंटों बाद पुलिस ने नैनीताल दीक्षा हत्याकांड के फरार प्रेमी को किया गिरफ्तार

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नैनीताल में बीते दिनों प्रेमिका की हत्या कर फरार ऋषभ उर्फ इमरान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सूत्रों के मुताबिक उसे पश्चिमी उत्तरप्रदेश क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। जिसे नैनीताल लाया जा रहा है। पुलिस ने वह आई-20 गाड़ी भी बरामद कर ली है जिसे लेकर दीक्षा नैनीताल आई थी और हत्या के बाद इमरान इसी गाड़ी को लेकर फरार हुआ था। पुलिस आज इस मामले का खुलासा कर सकती है।
दरअसल स्वतंत्रता दिवस की रात को नैनीताल के एक होटल में एक महिला पर्यटक का शव उसके कमरे से बरामद हुआ था। शव पूरी तरह से नीला पड़ चुका था। उसके मुंह से झाग भी निकल रहा था। प्रथमदृष्टया मामला विषपान का लग रहा था लेकिन पुलिस के इस मामले में यह जानकर कान खड़े हो गए कि महिला के साथ आया युवक मध्य रात्रि के बाद होटल छोड़ कर महिला द्वारा लाई गई कार से भाग खड़ा हुआ था।
पुलिस ने इस व्यक्ति व मृत मिली महिला की कुंडली खंगालनी शुरू की तो सर चकरा देने वाला रहस्य सामने आने लगा। दरअसल महीने के सीने पर इमरान लिखा हुआ था। इस पर पुलिस को शक हुआ। कुछ ही देर में खुलासा हो गया कि महिला के साथ आया युवक का नाम ऋषभ था ही नहीं वह तो इमरान था। यह बात महिला के भाई अंकुर शर्मा ने दिल्ली से पुष्ट की। दरअसल पुलिस के कहने पर वे युवक के घर गए थे जहां से पता चला कि इमरान सुबह के समय घर आया था और इसके बाद वह अपने कुछ कागजात व जरूरी सामान लेकर कहीं चला गया था।
यह रहस्य खुलते ही पुलिस समझ गई कि दीक्षा मिश्रा नामक इस महिला ने आत्महत्या नहीं की है उसकी हत्या की गई है। कल दिन में मिली महिला की पोस्टमार्टम रिपोट्र में भी इस बात की पुष्टि हो गई कि महिला की मौत गला दबाए जाने से हुई है। उसकी नाक पर भी चोट का निशान पाया गया था। उसके शरीर पर चोट का दूसरा कोई निशान नहीं पाया गया।
उधर दिल्ली स्थित महिला के मायके से उसके भाई ने जानकारी दी कि हत्या के बाद दिल्ली पहुंचे इमरान ने महिला की दस वर्षीय बेटी को फोन करके उसकी मम्मी के मोबाइल का पासवर्ड मांगा था। पूरे घटनाक्रम से अंजान बच्ची ने पासवर्ड उसे बता दिया। इसके बाद इमरान ने साथ लेकर भागे दीक्षा के फोन को फारमेट कर दिया।
इधर पुलिस ने इमरान की तलाश में तुरंत ही कई टीमें लगा दीं। इनमें से एक टीम पश्चिमी उत्तर प्रदेश भेजी गई थी। इसी टीम के हाथ इमरान आ गया। पुलिस ने वह कार भी बरामद कर ली जिसे लेकर इमरान भागा था। य​ह कार दीक्षा के के दोस्त की है। दरअसल दीक्षा ने हाल में अपनी कार खरीदी थी, लेकिन गाड़ी पर नंबर न होने के कारण वह अपनी कार दोस्त को देकर उसकी आई 20 कार लेकर नैनीताल पहुंची थी। इमरान महिला के साथ दो वर्षों से लिव इन में रह रहा था। इसलिए यह कहना जरा कठिन है कि दीक्षा इस बात को नहीं जानती थी कि वह ऋषभ नहीं इमरान है। अलबत्ता दीक्षा के भाई अंकुर शर्मा का दावा है कि वह उसे ऋषभ नाम से ही जानते थे।

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