उत्तराखंड : महिला की शिकायत पर एक्शन में आए कुमाऊं आयुक्त, उसी दिन पूरा हुआ लंबित राजस्व कार्य
नैनीताल। कुमाऊं आयुक्त एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत की जनसुनवाई में उठाए गए एक राजस्व प्रकरण का त्वरित समाधान किया गया। आयुक्त के निर्देश के बाद लंबे समय से लंबित विरासत दर्ज (दाखिल-खारिज) का मामला निस्तारित कर संबंधित भूमि रेवती देवी के नाम दर्ज कर दी गई।
जानकारी के अनुसार ग्राम जंतवालगांव, तहसील एवं जिला नैनीताल निवासी रेवती देवी ने जनसुनवाई के दौरान प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उनके ससुर स्वर्गीय गुमान राम के नाम पर गांव की खतौनी में भूमि दर्ज थी। उनके निधन के बाद परिवार में कोई अन्य वारिस नहीं है…इसलिए वह विरासत के आधार पर भूमि अपने नाम दर्ज कराना चाहती थीं।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में मार्च 2026 में तहसील कार्यालय में आवेदन जमा कर दिया गया था…लेकिन कई महीने बीतने के बावजूद दाखिल-खारिज की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इससे उन्हें लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
मामले को गंभीरता से लेते हुए कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने उसी दिन तहसीलदार नैनीताल को अपने समक्ष उपस्थित होने के निर्देश दिए। शिकायतकर्ता को भी सुनवाई के लिए बुलाया गया और पूरे मामले की जानकारी ली गई।सुनवाई के बाद तहसीलदार ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए विरासत के आधार पर संबंधित भूमि श्रीमती रेवती देवी के नाम दर्ज कर दी। इसके बाद की गई कार्रवाई की जानकारी भी कुमाऊं आयुक्त को उपलब्ध कराई गई।इस मामले के त्वरित निस्तारण के बाद शिकायतकर्ता ने राहत जताई। प्रशासन का कहना है कि जनसुनवाई का उद्देश्य लोगों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान करना है…ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

