उत्तराखंड: मुख्यमंत्री धामी ने विभिन्न जिलों में करोड़ों रुपये की योजनाओं को दी हरी झंडी
देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने राज्य में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न परियोजनाओं, धार्मिक स्थलों के विकास, कुंभ मेला तैयारियों, भूतपूर्व सैनिकों के बच्चों की छात्रवृत्ति और वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम से जुड़े प्रस्तावों पर वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।
मुख्यमंत्री ने देहरादून के गढ़ी डाकरा स्थित टपकेश्वर महादेव क्षेत्र में 8 एमएलडी क्षमता के सीवर शोधन संयंत्र (एसटीपी) के निर्माण के लिए भूमि खरीद की मंजूरी दी। इसके अलावा नाबार्ड से वित्तपोषित 21 विकास योजनाओं को भी स्वीकृति दी गई…जिससे प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा।हरिद्वार में वर्ष 2027 में होने वाले कुंभ मेले की तैयारियों को भी गति दी गई है। इसके तहत बैरिकेडिंग, अस्थायी फायर वॉच टावर, सुरक्षा व्यवस्थाओं और अस्थायी रैन बसेरों के निर्माण के लिए धनराशि मंजूर की गई है…ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
अल्मोड़ा के द्वाराहाट स्थित सुकेश्वर महादेव मंदिर, सेराघाट के मां मंगला भगवती मंदिर परिसर और पिथौरागढ़ के बुद्धेश्वर मंदिर में विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्यों के लिए भी वित्तीय मंजूरी दी गई है। वहीं उधम सिंह नगर के किच्छा क्षेत्र में डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क और तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए भी धनराशि स्वीकृत की गई है।सरकार ने भूतपूर्व सैनिकों के इंजीनियरिंग, मेडिकल और पीएचडी की पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति देने के लिए भी आर्थिक सहायता मंजूर की है। यह राशि कारगिल शहीद परिवार मुख्यमंत्री सहायता कोष से उपलब्ध कराई जाएगी।
इसके साथ ही चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, चंपावत और उधम सिंह नगर के वाइब्रेंट विलेज में थाना दिवस और रात्रि चौपाल कार्यक्रम शुरू करने को भी मंजूरी दी गई है। इन कार्यक्रमों के जरिए पुलिस ग्रामीणों से सीधे संवाद करेगी और कानून-व्यवस्था, दस्तावेज सत्यापन, साइबर जागरूकता तथा अन्य शिकायतों का स्थानीय स्तर पर समाधान किया जाएगा।
सरकार का कहना है कि इन फैसलों से विकास कार्यों में तेजी आएगी, धार्मिक और पर्यटन स्थलों का विकास होगा, दूरस्थ गांवों में प्रशासनिक सेवाएं मजबूत होंगी और आम लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

