नेपाल बाढ़: 162 लोगों की मौत, 133 भारतीय समेत 750 लापता, ईशा फाउंडेशन के 22 अमेरिकी, 12 कनाडाई समेत 80 विदेशियों से संपर्क टूटा
नेपाल बाढ़: 162 लोगों की मौत, 133 भारतीय समेत 750 लापता, ईशा फाउंडेशन के 22 अमेरिकी, 12 कनाडाई समेत 80 विदेशियों से संपर्क टूटा
नेपाल के नुवाकोट जिले में बुधवार, 26 अगस्त को अचानक आई बाढ़ के बाद त्रिशूली नदी के मलबे से भरे और उफनते किनारों के पास क्षतिग्रस्त घर खतरनाक हालत में खड़े हैं
नेपाल की भोटेकोशी नदी में बुधवार को अचानक आई विनाशकारी बाढ़ के कारण कम से कम 162 लोगों की मौत हो गई और 133 भारतीय नागरिक समेत 750 लापता हैं. ‘द काठमांडू पोस्ट’ की रिपोर्ट के अनुसार लापता लोगों में विदेशी नागरिक और सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं. सुबह के समय आई इस अचानक बाढ़ ने तीन जिलों में भारी तबाही मचाई और लोगों, घरों, वाहनों तथा महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को बहा ले गई. यह हाल के वर्षों में नेपाल की सबसे घातक आपदाओं में से एक है. मध्य नेपाल में कई कस्बे और गांव तबाह हो गए. जरूरी पुल बह गए और एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाएं ठप हो गई. बाढ़ ने कई बस्तियों को अपनी चपेट में ले लिया और कुछ इलाकों में आवाजाही बाधित है. जानकारों का कहना है कि इसकी वजह ग्लेशियर से हुआ हिमस्खलन (avalanche) हो सकता है. राहत बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है. भारत की ओर से भी मानवीय सहायता और 10 टन आपदा राहत सामग्री भेजी गई है.22 अमेरिकी, 12 कनाडाई, 11 ऑस्ट्रेलियाई, 9 ब्रिटिश नागरिक समेत कुल 80 लापता: सद्गुरु जग्गी वासुदेव
नेपाल में आई भयानक बाढ़ के बारे में बात करते हुए ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने कहा, ‘बहुत दुख और अफ़सोस के साथ मैं आपको बताना चाहता हूँ कि तिब्बत और नेपाल बॉर्डर के बीच भयानक बाढ़ आई है. भारतीय समाचार रिपोर्टों के अनुसार नेपाल की तरफ लगभग 484 लोग लापता हो गए हैं और हमारी तरफ़ कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है. सुबह मैं खुद वहाँ जाने के लिए निकला था. सभी फोन बंद हैं, टेलीकम्युनिकेशन सिस्टम ठप है, सड़कें बंद हैं. हम वहाँ नहीं पहुँच पा रहे हैं.हमारा एक ग्रुप वहां फंसा है. जिसमें अमेरिका से 22, कनाडा से 12, ऑस्ट्रेलिया से 11, यूनाइटेड किंगडम से 9, जर्मनी से 4, फ्रांस से 3, नेपाल से 3, नीदरलैंड से 2, न्यूज़ीलैंड से 2, सिंगापुर से 2, स्पेन से 2 और फ़िनलैंड, हंगरी, इज़राइल, लिथुआनिया, फ़िलीपींस, पुर्तगाल, रूस और दक्षिण अफ़्रीका से एक-एक व्यक्ति शामिल है. कुल 80 लोग हैं, जिनमें 34 पुरुष और 46 महिला शामिल हैं. साथ ही कुछ अन्य वॉलंटियर भी हैं जो पास के होटलों में रुके हुए थे. तीन वॉलंटियर और एक डॉक्टर भी हैं. मुझे लगता है कि जो डॉक्टर परसों ही आश्रम से आए थे. लेकिन हमारे पास कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है. फिर भी तबाही का पैमाना देखते हुए स्थिति गंभीर लग रही है.’IAF ने मदद के लिए दमदार विमान तैनात किए
भारतीय वायु सेना ने बताया कि बुधवार को नेपाल में आई भयानक बाढ़ के बाद, उसने 10 टन ज़रूरी राहत सामग्री और मेडिकल सप्लाई लेकर जाने वाला C-130J विमान तैनात किया है. वायु सेना ने कहा कि C-17 और C-130 विमान और राहत सामग्री पहुंचाएंगे, जबकि बचाव और लोगों को सुरक्षित निकालने के कामों के लिए हेलीकॉप्टर तय किए गए हैं.विनाशकारी बाढ़ में मृतकों की संख्या बढ़कर 162 हुई
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक नेपाल में हाल के सालों की सबसे बड़ी आपदाओं में से एक जबरदस्त अचानक आई बाढ़ में मरने वालों की संख्या 162 हो गई है. इस बाढ़ में सुरक्षाकर्मी और विदेशी पर्यटकों समेत कई लोग लापता हो गए और कई संपत्तियां बह गई. ‘द काठमांडू पोस्ट’ की रिपोर्ट के अनुसार, यह बाढ़ तब आई जब एक हिमस्खलन (avalanche) ने भोटेकोशी की सहायक नदी ‘ल्हेन्डे’ के बहाव को रोक दिया और पानी का तेज बहाव सबसे पहले चीन की सीमा के पास रसुवागढ़ी में ‘तिमुुरे’ इलाके से टकराया.बाढ़ का पानी आगे बढ़ने से पहले ही सैकड़ों लोगों की बस्ती का एक बड़ा हिस्सा बह गया. इलाके में बारिश न होने के कारण लोगों को इस आपदा की कोई चेतावनी नहीं मिली थी और जब बाढ़ आई, तो वे अपने रोजमर्रा के कामों में लगे हुए थे. जब आपदा की गंभीरता का पता चला, तो रसुवा के मुख्य कस्टम अधिकारी राजेंद्र ढुंगाना और दर्जनों अन्य लोग पास के जंगल में भाग गए.


