बागेश्वर:17 दिन से लापता अधिवक्ता धीरेंद्र परिहार का शव बरामद, क्षेत्र में मचा हड़कंप
बागेश्वर: बीते 17 दिनों से लापता अधिवक्ता एवं नगर पालिका के पूर्व सभासद धीरेंद्र परिहार का शव आखिरकार मंगलवार को गहन रेस्क्यू के बाद बरामद हो गया। उनका शव नदीगांव रोड स्थित थुणाई के डिगर पातल की गहरी खाई में मिला। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस और फायर सर्विस की टीम ने देर शाम घटनास्थल पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान चलाया। कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने खाई से शव को बाहर निकाला। अधिवक्ता का शव मिलने की खबर फैलते ही पूरे नगर में सनसनी फैल गई। घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई। जानकारी के अनुसार, अधिवक्ता धीरेंद्र परिहार पिछले 17 दिनों से लापता थे। उनकी तलाश में पुलिस लगातार जुटी हुई थी। मामले में हिरासत में लिए गए आरोपी से पूछताछ के दौरान अधिवक्ता का शव नदीगांव रोड में थुणाई डिगर पातल की खाई में फेंकने की बात सामने आई। इसके बाद पुलिस टीम आरोपी को साथ लेकर मौके पर पहुंची और उसकी निशानदेही पर तलाश अभियान शुरू किया। खाई की गहराई और दुर्गम रास्ते के कारण रेस्क्यू टीम को शव बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। आखिरकार देर शाम पुलिस और फायर सर्विस की टीम ने शव को खाई से बाहर निकाल लिया।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर घटनास्थल पर पंचनामा भरने की कार्रवाई की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। शव मिलने की सूचना मिलते ही मृतक के परिजन, अधिवक्ता, व्यापारी और नगर के लोग घटनास्थल पर पहुंचने लगे। देखते ही देखते वहां सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। इस दौरान लोगों ने रेस्क्यू अभियान में पुलिस और प्रशासन का सहयोग भी किया। जिला अस्पताल में मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। माता नंदी परिहार, पिता गोविंद सिंह परिहार, भाई पंकज परिहार और बहन दीक्षा परिहार सहित अन्य परिजन गहरे सदमे में हैं।
17 दिनों से धीरेंद्र की सकुशल वापसी की उम्मीद लगाए बैठे परिवार को शव मिलने की खबर ने झकझोर कर रख दिया। अस्पताल में परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। वहीं, अधिवक्ता का शव बरामद होने के बाद नगर के व्यापारियों, अधिवक्ताओं और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। परिजनों और नगरवासियों ने आरोपी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करते हुए उसे सख्त सजा दिलाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि इस घटना से पूरा नगर स्तब्ध है और मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। इधर पुलिस मामले की गहनता से जांच में जुटी है। अधिवक्ता की मौत के पीछे की परिस्थितियों, घटना के कारणों और इसमें शामिल अन्य पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विवेचना के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधीक्षक जितेंद्र मेहरा ने बताया कि मामले का खुलासा कल कर दिया जाएगा।

